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Harmanpreet Kaur Resigns: हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी

Harmanpreet Kaur Resigns: भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप की ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाली और देश की सबसे सफल कप्तानों में शुमार हरमनप्रीत कौर ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) की कप्तानी छोड़ने का आधिकारिक एलान कर दिया है। उनके […]

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जर्सी में मैदान पर कप्तान हरमनप्रीत कौर।
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Harmanpreet Kaur Resigns: भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप की ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाली और देश की सबसे सफल कप्तानों में शुमार हरमनप्रीत कौर ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) की कप्तानी छोड़ने का आधिकारिक एलान कर दिया है। उनके इस अचानक आए फैसले से पूरे खेल जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।


37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश साझा करते हुए अपने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि यह फैसला उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था, क्योंकि इसमें वर्षों की अनगिनत यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अविस्मरणीय पल जुड़े हैं जो जिंदगी भर उनके साथ रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने के बाद भी वह एक खिलाड़ी के रूप में देश के लिए खेलती रहेंगी।

कप्तानी का शानदार और लंबा सफर

हरमनप्रीत कौर का कप्तानी का सफर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अपने करियर में 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम की कमान संभाली। कप्तान के रूप में उनका आखिरी बड़ा अभियान पिछले महीने एशियन गेम्स में रहा, जहां उन्होंने भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जिताकर इतिहास रच दिया था।

बीसीसीआई अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आया फैसला

हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के इस फैसले से ठीक एक दिन पहले एक अहम उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इस बैठक में उन्होंने उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार के साथ मिलकर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से मुलाकात की थी। गुवाहाटी में संपन्न हुई इस बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के भविष्य के रोडमैप और रणनीतियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई थी।

‘टीम के हित में अपनी महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखा’

अपने विदाई संदेश में हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने इस टीम के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया है। कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन और निजी महत्वाकांक्षाओं को भी टीम के हित के लिए पीछे रखा। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से यही मानना रहा है कि व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर हमेशा देश और टीम का हित होना चाहिए।

हार से लेकर ऐतिहासिक जीत तक का सफर

कप्तानी के अपने लंबे सफर को याद करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हर तरह के दौर देखे हैं। उन्होंने निराशा, दिल टूटने, आलोचना और संदेह के बादल भी झेले, तो साथ ही जीत का जश्न, गर्व और देश का प्रतिनिधित्व करने की खुशी भी महसूस की। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पूरा भरोसा है कि टीम के पास भविष्य के लिए एक मजबूत और सक्षम आधार तैयार है।

‘कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट के लिए प्यार जारी’

हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब खेल से दूरी बनाना कतई नहीं है। उन्होंने कहा, “कप्तानी आज खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा।” उन्होंने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, बीसीसीआई, परिवार और देश के तमाम प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा कि अब वह फिर से केवल खेल के प्रति अपने प्रेम के लिए मैदान पर उतरने को तैयार हैं।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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