भानुप्रतापपुर में 6 माह में होगा उपचुनाव, राज्य में पांचवां ऐसा चुनाव होगा
भानुप्रतापपुर में 6 माह में होगा उपचुनाव, राज्य में पांचवां ऐसा चुनाव होगा

विशेष संवादाता, रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के निधन के बाद रिक्त हो गई विधानसभा सीट के भविष्य को लेकर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। एक बार फिर से भानुप्रतापपुर सीट पर उपचुनाव होगा। करीब 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना होगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से सीट खाली होने की सूचना निर्वाचन आयोग को प्रेषित कर दी गई है। इसके पश्चात् आयोग और जिला प्रशासन प्रारंभिक तैयारी भी शुरू कर दियाहै। जानकारों के मुताबिक 16 अप्रैल से पहले चुनाव कराना होगा।

राज्य में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद यह 5वां उपचुनाव होगा। इससे पहले दंतेवाड़ा, बस्तर, मरवाही और खैरागढ़ में उपचुनाव हुए हैं। दंतेवाड़ा सीट पर भाजपा विधायक भीमा मंडावी, मरवाही में पूर्व सीएम अजीत जोगी और खैरागढ़ में देवव्रत सिंह के निधन के बाद उपचुनाव करवाया गया हैं। बस्तर सीट पर दीपक बैज के सांसद बनने के बाद चुनाव हुए थे। इन सभी में कांग्रेस की जीत हुई है। अब देखना यह है कि भानुप्रतापुर सीट में भाजपा या फिर कांग्रेस की जित होगी।

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विधानसभा के डिप्टी स्पीकर मनोज मंडावी का 16 अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वे भानुप्रतापपुर सीट से विधायक थे। उनके निधन के 6 महीने में चुनाव करवाना पड़ेगा। यानी 16 अप्रैल से पहले नए विधायक का चुनाव होना आवश्यक है। इसके 6 महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होंगे। यानी यह उपचुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए ही खास होने के साथ साथ दक्षिण बस्तर और उत्तर बस्तर में रुझान के तौर पर भी सामनेदेखा जा सकता है।