टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में गिरफ्तार किए गए कारोबारी विजय भाटिया की पुलिस रिमांड अवधि अब 12 जून 2025 तक बढ़ा दी गई है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम पहले ही उनसे 9 दिन की रिमांड पर पूछताछ कर चुकी थी। निर्धारित रिमांड अवधि पूरी होने के बाद विजय भाटिया को ACB/EOW की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से एक बार फिर रिमांड विस्तार की अनुमति दी गई।

गौरतलब है कि 1 जून को दिल्ली से विजय भाटिया की गिरफ्तारी हुई थी। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं। गिरफ्तारी के साथ ही एजेंसियों ने भिलाई के नेहरू नगर स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारा था। उनके मैनेजर संतोष रामटेके के घर पर भी तलाशी ली गई थी।

ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम इस घोटाले की परतें खोलने में जुटी है और अब तक विजय भाटिया के अलावा शराब कारोबारी पप्पू बंसल, जो कि भूपेश बघेल के एक और करीबी माने जाते हैं, को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई ताकि घोटाले के तार आपस में जोड़े जा सकें।

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इस घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक 21 लोगों को आरोपी बनाया है। इन आरोपियों में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व रायपुर महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, और कई शराब कंपनियों के नाम शामिल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ डिस्टलर, वेलकम डिस्टलर, टॉप सिक्योरिटी, ओम साईं ब्रेवरेज, दिशिता वेंचर, नेस्ट जेन पावर, भाटिया वाइन मर्चेंट, और सिद्धार्थ सिंघानिया प्रमुख हैं।