रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की शासी परिषद की अहम बैठक शुक्रवार को लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में खनिज संसाधनों से प्राप्त निधि का जनहित में अधिकतम और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में कहा कि खनिज निधि का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग करते हुए जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा करें और शासन की नीतियों को ज़मीन पर उतारने में कोई कोताही न हो।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले की सभी खदानों में अब Weigh Bridge लगाना अनिवार्य होगा, जिससे रॉयल्टी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। खनिज चोरी रोकने और DMF निधि में वृद्धि के लिए सक्रिय खदानों की नियमित निगरानी की जाएगी। फिलहाल जिले में 19 सक्रिय खदानें चिन्हित हैं, जिन पर सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

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शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए हर स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, शौचालय, प्रार्थना शेड और खेल मैदान का निर्माण किया जाएगा। संविदा शिक्षकों की नियुक्ति अब पंचायत और ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए CHC और PHC केंद्रों का उन्नयन किया जाएगा, साथ ही एम्बुलेंस सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। आंगनबाड़ी और स्कूलों में प्रीफैब शौचालयों के निर्माण और उन्नयन की भी योजना को हरी झंडी दी गई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब कंपनियों को CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत खर्च से पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि CSR राशि सीधे जिले को प्राप्त हो और उसका उपयोग योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में हो सके।

बैठक में मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर दीपक सोनी, जिला पंचायत CEO दिव्या अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सांसद अग्रवाल ने पारदर्शी प्रशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन के निर्देश दिए।

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