टीआरपी डेस्क। गाजा पर इजरायल का कब्जा अब लगभग तय माना जा रहा है। हमास के खिलाफ छेड़े गए जंग में इजरायली सेना लगातार आगे बढ़ रही है। इसी बीच दक्षिणी गाजा में हमास के बड़े कमांडर नासर मूसा को मार गिराने के बाद भी IDF ने अपने हमले जारी रखे हुए हैं। ताजा हमला उस स्कूल पर हुआ, जहां बेघर हुए परिवारों ने शरण ली थी। इस हमले में 37 लोग मारे गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

गाजा की गलियों में सिर्फ मलबा और तबाही नजर आ रही है। इजरायली लड़ाकू विमानों ने राफा ब्रिगेड के अहम आतंकी नासर मूसा को एयर स्ट्राइक में मार गिराया। मूसा हमास के आतंकियों को ट्रेनिंग देता था और इजरायल में हुए कई हमलों का मास्टरमाइंड भी था। इसके अलावा इजरायली सेना ने खान यूनिस में उस इमारत को भी निशाना बनाया, जिसे हमास रॉकेट स्टोर करने के लिए इस्तेमाल करता था।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को गाजा पट्टी पर कब्जा करने की पूरी छूट दे दी है। उन्होंने कहा है कि इस जंग को जल्द खत्म किया जाएगा और बंधकों को हर हाल में छुड़ाया जाएगा। हालांकि, दुनिया के कई देश इस एक्शन को गाजा के खात्मे का संकेत मान रहे हैं। लेकिन कई देशों ने इजरायल के खिलाफ कदम उठाते हुए फिलिस्तीन राज्य को मान्यता भी दे दी है।

मौत का खौफनाक आंकड़ा
इस वक्त गाजा में हालात बेहद भयावह हैं। पिछले 2 साल में 61,827 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इसके अलावा 1,55,275 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सिर्फ पिछले 24 घंटे में ही 51 लोगों की जान गई और 369 लोग घायल हुए हैं। इजरायली हमले का सबसे बड़ा निशाना वह स्कूल बना, जहां विस्थापित परिवार शरण लिए हुए थे। इस बमबारी के बाद परिसर में महिलाओं और बच्चों की लाशें बिखरी पड़ी थीं।

बंधकों के लिए प्रदर्शन
इजरायल में बंधकों को छुड़ाने की मांग तेज होती जा रही है। तेल अवीव की सड़कों पर हजारों लोग पोस्टर और बैनर लेकर उतर गए हैं। सरकार से अपनों को सुरक्षित वापस लाने की अपील की की जा रही है। बंधक बनाए गए एक नेपाली नागरिक की बहन ने कहा, ”करीब 2 साल बीत गए लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। लगातार भूखे रहकर, घायल होकर जिंदा रहना असंभव है। कोई 680 दिन तक नरक में कैसे जिंदा रह सकता है।’

गुस्से में प्रदर्शनकारी
एक बंधक के पिता ने कहा, ”ये छुट्टी का दिन नहीं है कि लोग शॉपिंग के लिए बाहर आएं। ये प्रदर्शन का दिन है। यह सिर्फ बंधकों के परिवारों के साथ खड़े होने का तरीका नहीं, बल्कि इजरायल के नैतिक चरित्र को बचाने की जिम्मेदारी भी है।” प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नेतन्याहू अपने राजनीतिक फायदे के लिए बंधकों की जान से खेल रहे हैं।
नेतन्याहू का विरोध जारी
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ”मैं यहां आता हूं। सबसे पहले हम उन परिवारों के साथ खड़े होते हैं, जिनके प्रियजन लगभग 2 साल से बंधक बने हुए हैं। दूसरा, हम अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होते हैं। हमें यह सरकार बेहद खराब लगती है। हम चाहते हैं कि यह जाए ताकि हम फिर से एक मजबूत इजरायल बना सकें।” गाजा में चल रही जंग के बीच इजरायल में ये प्रदर्शन लगातार जारी है।

युद्धविराम की उठ रही मांग
साल 2023 में हमास ने इजरायल पर हमला कर 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। अब तक आधे से ज्यादा बंधक छोड़े जा चुके हैं। कई की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी भी करीब 20 बंधक जिंदा बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है और लोग युद्धविराम की मांग कर रहे हैं।


