रायपुर। सीआरपीएफ कैंप के जवानों के इलाज के नाम पर राजधानी के राजेंद्र नगर क्षेत्र में रहने वाले एक होम्योपैथिक डॉक्टर को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। ठगों ने सरकारी भुगतान का झांसा देकर ऑनलाइन एप डाउनलोड कराए और डॉक्टर के दो बैंक खातों से लगभग चार लाख रुपये निकाल लिए।
राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर इलाके में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ठगों ने सीआरपीएफ के जवानों के इलाज और जांच के नाम पर एक डॉक्टर से ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सीआरपीएफ कैंप का अधिकारी बताकर विश्वास में लिया और सरकारी भुगतान की प्रक्रिया का बहाना बनाकर डॉक्टर के बैंक खातों से 3 लाख 98 हजार 984 रुपये पार कर दिए। मामले की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीआरपीएफ अफसर बनकर किया कॉल
मिली जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र नगर निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर शिव कुमार सिंह के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीआरपीएफ कैंप का अधिकारी बताया और कहा कि कैंप के 35 जवानों का इलाज और आवश्यक मेडिकल जांच कराना है। सरकारी संस्थान का नाम सुनकर और बड़ी संख्या में मरीजों के इलाज का प्रस्ताव मिलने पर डॉक्टर ने इस काम के लिए सहमति दे दी।
भुगतान का झांसा देकर लिया बैंक डिटेल
इसके बाद कथित अधिकारी ने डॉक्टर को बताया कि यह सरकारी कार्य है और भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। भुगतान से पहले अकाउंट को “वैलिडेट” कराना जरूरी बताया गया। इस बहाने ठग ने डॉक्टर से उनके बैंक खाते से संबंधित जानकारी हासिल कर ली। डॉक्टर ने भरोसा करते हुए अपनी बैंक डिटेल साझा कर दी, जो आगे चलकर ठगी का कारण बनी।
झांसा देकर एप डाउनलोड कराया
ठगों ने यहीं पर बात खत्म नहीं की। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने डॉक्टर के दोस्त के माध्यम से वीडियो कॉल किया और डॉक्टर के मोबाइल फोन में ऑनलाइन भुगतान से जुड़े कुछ एप्लीकेशन डाउनलोड करवाए। डॉक्टर को यह बताया गया कि इन एप्स के जरिए ही सरकारी भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। डॉक्टर को इस दौरान किसी तरह की ठगी की आशंका नहीं हुई।
रुपए उड़ाए तब होश उड़े
एप डाउनलोड होने के कुछ ही समय बाद डॉक्टर के मोबाइल पर बैंक से लेनदेन के मैसेज आने लगे। जब उन्होंने अपने खातों की जांच की, तो पता चला कि उनके दो बैंक खातों से कुल 3 लाख 98 हजार 984 रुपये निकाल लिए गए हैं। यह देखकर डॉक्टर के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क किया और इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरु की जांच
डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से डॉक्टर को झांसे में लिया और सरकारी विभाग का नाम इस्तेमाल कर भरोसा जीता।


