Nalanda dacoits nabbed in Korba: बिहार के नालंदा में हुई 1.17 करोड़ की डकैती के दो फरार आरोपियों को बिहार पुलिस ने कोरबा के सुभाष चौक पर फिल्मी अंदाज में दबोच लिया। लोकेशन ट्रेस कर पहुंची टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा और अपने साथ बिहार ले गई।

3 अगस्त 2026 की रात नालंदा जिले में करीब 15 हथियारबंद बदमाश बीज कारोबारी राजीव रंजन के घर में घुसे थे। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की। बिहार पुलिस को जांच में पता चला कि डकैती के कुछ आरोपी कोरबा में छिपे हैं। लोकेशन और लोकल इनपुट के आधार पर टीम कोरबा पहुंची।

रॉन्ग साइड से पीछा कर दबोचा आरोपियों को

कोरबा के सुभाष चौक पर संदिग्ध वाहन दिखते ही पुलिस ने रॉन्ग साइड से पीछा कर चारों तरफ से घेराबंदी की। इस दौरान यहां हड़कंप मच गया, बिहार पुलिस की टीम ने अचानक घेराबंदी कर डकैती के फरार आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों को पकड़ने के दौरान पुलिस वाहन ने रॉन्ग साइड से पीछा किया। इसके बाद संदिग्धों को घेरकर दबोच लिया।

पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने 3 संदिग्धों को पकड़ लिया। इनमें से 2 की पहचान डकैती के आरोपियों के रूप में हुई।

आरोपियों के हथियारबंद होने की आशंका के चलते पुलिस ने आसपास के लोगों को दूर रहने की हिदायत भी दी।

कौन हैं पकड़े गए आरोपी?

1. सोनू कुमार महतो – 26 वर्ष, निवासी दीपनगर

2. धीरज कुमार महतो – 25 वर्ष, निवासी नालंदा

अब जानिए, क्या है पूरा मामला

डकैती की यह वारदात 3 अगस्त 2026 की रात की है, जब नालंदा निवासी राजीव रंजन के घर में दर्जन भर से अधिक हथियारबंद डकैत घुस गए थे। डकैतों ने पहले राजीव के माता-पिता को बंधक बनाकर फ्लैट का दरवाजा खुलवाया, फिर उनकी पत्नी और बच्चों को भी बंधक बना लिया। सभी डकैतों के पास पिस्तौल थी और वे एक विशेष भाषा में बात कर रहे थे।

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वारदात की शुरुआत रात करीब एक बजे हुई जब पूरा परिवार गहरी नींद में था। बदमाशों की आहट पाकर गली के कुत्ते भौंकने लगे थे। डकैत छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हो गए।

बुजुर्ग दंपत्ति को बनाया बंधक

नकाबपोश डकैतों ने आते ही सबसे पहले फुलंती देवी के कानों के गहने नोच लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने उनका गला दबा दिया, मुंह पर टेप चिपका दिया और हाथ बांध दिए। उनके बुजुर्ग पति बालेश्वर प्रसाद को भी बदमाशों ने टेप लगाकर बुरी तरह बांध दिया था।

निडर बुजुर्ग महिला ने डटकर किया सामना

डकैतों ने फुलंती देवी पर दबाव डाला कि वह ऊपर जाकर अपने बेटे का दरवाजा खुलवाएं। जब उन्होंने इनकार किया, तो बदमाशों ने उनके पति को गोली मारने की धमकी दी। इस पर निडर बुजुर्ग महिला ने कहा कि पहले उनके पति को मार दें और फिर उन्हें भी मार दें।

पिता की तबीयत बिगड़ने का हुआ शक

दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनकर बीज कारोबारी राजीव रंजन कुमार को लगा कि शायद उनके पिता की तबीयत बिगड़ गई है, लेकिन जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाश कमरे में घुस गए। बदमाशों ने घनी आबादी वाले क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तांडव मचाया।

कारोबारी और बच्चे के साथ क्रूरता

कारोबारी की पत्नी आभा सुमन ने बताया कि बदमाशों ने उनके पति के साथ बुरी तरह मारपीट की। जब परिवार ने तिजोरी की चाबी देने में आनाकानी की, तो एक क्रूर बदमाश ने उनके छोटे बच्चे का गला दबाया। जूता पहने बदमाशों ने राजीव रंजन के सीने और गर्दन पर पैर रखकर उन्हें जमीन पर गिरा दिया।

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बच्चों की जान खतरे में देख परिवार टूट गया. बदमाशों ने दो डायमंड सेट, तीन-चार डायमंड की अंगूठियां, डायमंड पेंडेंट और डायमंड का मंगलसूत्र लूट लिए। इसके अलावा बच्चों की सोने की चेन, लॉकेट, बालियां और 50 ग्राम सोने के आभूषण भी बदमाशों ने नहीं छोड़े।

बोरों में भरकर ले गए कैश और जेवरात

डकैतों ने घर में व्यापारिक लेन-देन के लिए रखे गए 45 लाख रुपये नकद और लगभग 450 ग्राम सोने के जेवर लूटे, जिनकी कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई गई है। लूटे गए जेवरों में 5 चेन, 8 झुड़ी, 6 कानवाली, 2 झुमका, 2 मंगलसूत्र, 1 गलेसेट, 1 डायमंड गलेसेट और 1 ब्रासलेट शामिल थे।

इसके अतिरिक्त, डकैत 3 किलो चांदी (लगभग 3 लाख रुपए मूल्य की) और राजीव रंजन के फर्म ‘कृति सीड फार्म’ और उनके पिता के फर्म ‘कृषि कल्याण केंद्र’ के कुछ महत्वपूर्ण कागजात भी ले गए थे। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।

पुलिस कार्रवाई और अब तक की गिरफ्तारियां

नालंदा पुलिस ने इस बड़ी वारदात के बाद तेजी से छापेमारी शुरू की। अब तक 7 अपराधी गिरफ्तार हो चुके हैं:

हत्या का दोषी निकला मास्टरमाइंड अजीत

डकैती का मुख्य सरगना अजीत सिंह निकला, जो पहले भी हत्या के मामले में 20 साल की सजा काट चुका है। वारदात के बाद वह भगवा कपड़े पहनकर बाबाधाम (देवघर) भाग गया था, जहां से पुलिस ने उसे दबोचा। 

कारोबारी के पुराने ड्राइवर की रही भूमिका

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व्यवसायी के पूर्व ड्राइवर बबलू को नवादा से गिरफ्तार किया गया, जिसने अपराधियों को घर की पूरी रेकी और जानकारी (लाइनर की भूमिका) दी थी। 

अब तक 7 गिरफ्तार 

इस कांड में कुल 15 अपराधी शामिल थे। अब तक पुलिस 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें से दो आरोपियों (सोनू कुमार महतो और धीरज कुमार) को छत्तीसगढ़ के कोरबा से पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर पकड़ा है। सातवां आरोपी मुकेश कुमार दिल्ली से गिरफ्तार हुआ है।

माल की बरामदगी: पुलिस अब तक कुल 19.43 लाख रुपये नकद, 450 ग्राम सोने के आभूषण, 7 किलो चांदी, डायमंड और प्लैटिनम के जेवर बरामद कर चुकी है। बाकी 8 फरार बदमाशों की तलाश में छापेमारी जारी है।

पुलिस का दावा है कि शेष आरोपितों के पकड़े जाने पर लूटी गई पूरी संपत्ति जल्द ही रिकवर कर ली जाएगी।

FAQ: नालंदा डकैती कांड

सवाल 1: कोरबा में किस मामले के आरोपी पकड़े गए?

बिहार के नालंदा जिले में 3 अगस्त को हुई 1.17 करोड़ रुपये की डकैती के 2 फरार आरोपी पकड़े गए।

सवाल 2: लूट में क्या-क्या गया था?

45 लाख रुपये कैश, 450 ग्राम सोने के जेवर करीब 70 लाख और 3 किलो चांदी। साथ ही जरूरी दस्तावेज भी लूटे गए थे।

सवाल 3: गिरफ्तारी कैसे हुई?

बिहार पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर कोरबा के सुभाष चौक पर घेराबंदी कर फिल्मी अंदाज में आरोपियों को पकड़ा।

सवाल 4: पकड़े गए आरोपियों के नाम क्या हैं?  

सोनू कुमार महतो 26 वर्ष दीपनगर और धीरज कुमार महतो 25 वर्ष नालंदा।

सवाल 5: वारदात के बाद क्या हुआ ?

नालंदा पुलिस अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं लाखों का माल बरामद भी किया है।