CG High Court Contempt Notice: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने न्यायालयीन आदेश के अनुपालन में देरी को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत IAS को अवमानना नोटिस जारी किया है। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए? मामला 78 वर्षीय विधवा बी. एक्का के दिवंगत पति के लंबित सेवा एवं पेंशन लाभ से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को 60 दिनों के भीतर मामले का निर्णय लेने का निर्देश दिया था, लेकिन याचिकाकर्ता के अनुसार अब तक पूर्ण निराकरण नहीं हुआ।
अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि आदेश के बावजूद उनके मामले का आज तक पूरी तरह निराकरण नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई पांच सप्ताह बाद होगी। इससे पहले कलेक्टर को अपना जवाब पेश करना होगा।
6 जनवरी के आदेश में 60 दिन में निर्णय का निर्देश
मूल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता के दिवंगत पति के सेवा लाभों से जुड़े दावे पर कानून और लागू नीतियों के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसमें Revised Pay Scale, Time Pay Scale, क्रमोन्नति की बकाया राशि और पेंशन के पुनर्निर्धारण समेत परिणामी लाभ शामिल थे। कोर्ट ने प्रमाणित आदेश की प्रति प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर मामले पर निर्णय लेने को कहा था। कोर्ट ने बी. एक्का की वृद्धावस्था को देखते हुए मामले का जल्द निपटारा करने पर भी विशेष जोर दिया था।
आदेश के बाद भी चलता रहा विभागीय पत्राचार
हाई कोर्ट के आदेश के बाद बी. एक्का ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन देकर न्यायालयीन आदेश का पालन करने और लंबित सेवा एवं पेंशन लाभ दिलाने की मांग की। इसके बाद 11 मई 2026 को आयुक्त, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर ने कलेक्टर को पत्र भेजकर हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई करने और परिणामी लाभ प्रदान करने को कहा। वहीं, 21 मई 2026 को अपर कलेक्टर की ओर से पेंशन संबंधी प्रक्रिया के लिए बी. एक्का से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। याचिकाकर्ता ने चार पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और मृत्यु प्रमाणपत्र की छायाप्रति समेत मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। इसके बावजूद याचिकाकर्ता के अनुसार अब तक पेंशन का पूर्ण पुनर्निर्धारण, बकाया राशि और अन्य परिणामी सेवा लाभ नहीं मिल सके हैं।
तय समय में आदेश का पालन नहीं होने पर दायर हुई अवमानना याचिका
हाई कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा में आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं होने के बाद 78 वर्षीय बी. एक्का की ओर से अधिवक्ता नेल्सन पन्ना और अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि संबंधित अधिकारियों को हाई कोर्ट के आदेश की पूरी जानकारी थी। आदेश के बाद विभागीय स्तर पर पत्राचार भी हुआ और जरूरी दस्तावेज भी लिए गए। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में याचिकाकर्ता के दावे पर अंतिम निर्णय लेकर आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया।
हाई कोर्ट ने पूछा, क्यों न शुरू हो अवमानना की कार्रवाई?
अवमानना याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत IAS को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। अब कलेक्टर को अगली सुनवाई से पहले कोर्ट के समक्ष अपना जवाब पेश करना होगा। मामले की अगली सुनवाई पांच सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा भी सामने आया
मामला अब सिर्फ पेंशन और सेवा लाभों के भुगतान तक सीमित नहीं है। इसमें न्यायालय द्वारा तय समय-सीमा के भीतर आदेश का पालन और प्रशासनिक जवाबदेही भी महत्वपूर्ण हो गई है। खास तौर पर इसलिए क्योंकि मूल आदेश में हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की वृद्धावस्था को देखते हुए मामले का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया था।


