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Dhamtari: जल भराव के चलते गंगरेल बांध से बढ़ाया गया आउट फ्लो, महानदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

Gangrel Dam filled with water: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। भारी जल आवक के चलते गंगरेल बांध से महानदी में करीब 1 लाख 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि सोदूर बांध से 42570 क्यूसेक पानी और सिकासार जलाशय गेल […]

Dhamtari: जल भराव के चलते गंगरेल बांध से बढ़ाया गया आउट फ्लो, महानदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Gangrel Dam filled with water: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। भारी जल आवक के चलते गंगरेल बांध से महानदी में करीब 1 लाख 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि सोदूर बांध से 42570 क्यूसेक पानी और सिकासार जलाशय गेल खोलकर पैरी नदी में छोड़ा गया है। जलाशयों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

भारी बारिश के चलते गंगरेल जलाशय का जलभराव 99.01 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जलस्तर के प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगरेल के गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार 1 लाख 27 हजार क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार मुरुमसिल्ली जलाशय से 7558 क्यूसेक और दुधावा जलाशय से 16762 क्यूसेक पानी गंगरेल की ओर छोड़ा जा रहा है।

सोदूर से 42570 क्यूसेक डिस्चार्ज

सोदूर जलाशय भी लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच 89.42 प्रतिशत भर चुका है। यहां से 42,570 क्यूसेक पानी पैरी/महानदी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों और आम नागरिकों से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा अनावश्यक रूप से नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की है।

सिकासार बांध में 84.18 प्रतिशत जलभराव, चार गेट खुले 

उधर गरियाबंद जिले में पैरी नदी पर स्थित सिकासार बांध में भी पानी की आवक लगातार बनी हुई है। 24 सितंबर की शाम 7 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध का जलस्तर 1328.50 फीट दर्ज किया गया। बांध में 167.37 मिलियन घन मीटर पानी का भंडारण है, जो इसकी कुल जलभराव क्षमता का 84.18 प्रतिशत है।

पानी की आवक को नियंत्रित करने के लिए सिकासार बांध के चार गेट खोले गए हैं। इनमें तीन गेट 3-3 फीट और एक गेट 2 फीट तक खुला है। स्पिल गेट के माध्यम से 4,950 क्यूसेक तथा पावर प्लांट के माध्यम से 625 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह बांध से कुल 5,575 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। शुक्रवार सुबह पानी के भारी आवक को देखते हुए पैरी नदी में पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़ाई गई है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. गंगरेल बांध से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?

— भारी जल आवक के कारण गंगरेल बांध से महानदी में 1 लाख 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, बांध का जलभराव 99.01% तक पहुंच गया है।

Q2. अन्य बांधों की स्थिति क्या है?

— सोदूर जलाशय 89.42% भर गया है और 42,570 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, सिकासार बांध 84.18% भर गया है और 4 गेट खोलकर 5,575 क्यूसेक पानी पैरी नदी में छोड़ा जा रहा है।

Q3. क्या बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है?

— हां, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने महानदी और पैरी नदी के किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों से नदी से दूर रहने की अपील की है।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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