Train Fare Update: भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के संचालन और किराया व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। इसके तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और महाराष्ट्र रूट पर चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा समाप्त किया जाएगा। 1 जनवरी से ये ट्रेनें सुपरफास्ट के बजाय सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में संचालित होंगी।
इस बदलाव का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि सुपरफास्ट का दर्जा खत्म होने के बाद टिकट पर लगने वाला अतिरिक्त सरचार्ज नहीं देना होगा। इसके साथ ही कई ट्रेनों के नंबर भी बदल जाएंगे। ऐसे में नियमित रूप से इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को नए साल से किराए में राहत मिलने के साथ टिकट बुकिंग के दौरान नए ट्रेन नंबर का भी ध्यान रखना होगा।
55 किलोमीटर की रफ्तार का मानक पूरा नहीं कर सकीं ट्रेनें, इसलिए हटाया जा रहा सुपरफास्ट टैग
रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक किसी ट्रेन को सुपरफास्ट श्रेणी में बनाए रखने के लिए उसकी दोनों दिशाओं में औसत गति कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी जरूरी है। रेलवे की वार्षिक समीक्षा और नए टाइम-टेबल के मूल्यांकन के दौरान कुछ ट्रेनों की औसत रफ्तार निर्धारित मानक से कम पाई गई। इसके पीछे रेलवे रूट पर बढ़ता ट्रैफिक, नए स्टॉपेज जुड़ना और परिचालन संबंधी देरी जैसे कारण बताए गए हैं। लगातार बढ़ते ठहराव और ट्रेनों के संचालन में लगने वाले अतिरिक्त समय के कारण इनकी औसत गति प्रभावित हुई है।
सुपरफास्ट सरचार्ज खत्म होने से स्लीपर में 30 और एसी क्लास में 45 रुपये तक की बचत
सुपरफास्ट ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को सामान्य किराए के अलावा अतिरिक्त सुपरफास्ट सरचार्ज देना पड़ता है। अब संबंधित ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा समाप्त होने के बाद यह अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। निर्धारित सरचार्ज के अनुसार स्लीपर क्लास के यात्रियों से 30 रुपये, एसी चेयरकार, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और सेकंड एसी के यात्रियों से 45 रुपये, जबकि फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास के यात्रियों से 25 रुपये अतिरिक्त लिए जाते हैं। सुपरफास्ट श्रेणी समाप्त होने के बाद यात्रियों को इसी शुल्क की बचत होगी। हालांकि, वास्तविक टिकट किराया यात्रा की श्रेणी और रेलवे के लागू किराया नियमों के अनुसार तय होगा।
सप्तक्रांति से मगध और पूर्णागिरि जनशताब्दी तक, इन ट्रेनों का बदलेगा दर्जा
रेलवे के इस बदलाव का असर कई प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। इनमें सप्तक्रांति एक्सप्रेस (15577/15578), जो आनंद विहार और मुजफ्फरपुर के बीच चलती है, मगध एक्सप्रेस (20801/20802), जो इस्लामपुर और नई दिल्ली के बीच संचालित होती है, तथा दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस (22551/22552), जो दरभंगा और जालंधर सिटी के बीच चलती है, शामिल हैं। इसके अलावा पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (22355/22356), पूर्णागिरि जनशताब्दी (12035/12036), जो पुरानी दिल्ली और टनकपुर के बीच चलती है, नैनी जनशताब्दी (12091/12092), जो देहरादून और काठगोदाम के बीच संचालित होती है, और कार्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस (25013/25014), जो मुरादाबाद और रामनगर के बीच चलती है, का भी सुपरफास्ट दर्जा समाप्त किए जाने की जानकारी दी गई है। इन ट्रेनों के सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में आने से संबंधित रूटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सरचार्ज से राहत मिलेगी।
मध्य रेलवे की नौ ट्रेनों के नंबर भी बदलेंगे, पुराने नंबर से टिकट खोजने में हो सकती है परेशानी
सुपरफास्ट दर्जे में बदलाव के साथ मध्य रेलवे की नौ प्रमुख ट्रेनों के नंबर भी संशोधित किए गए हैं। इनमें हिंगोली डेक्कन जनशताब्दी का नया नंबर 11069/11070, प्रगति एक्सप्रेस का 11435/11436, महानगरी एक्सप्रेस का 11093/11094 और तुलसी एक्सप्रेस का 11065/11066 निर्धारित किया गया है। इसी तरह मुंबई सीएसएमटी और चेन्नई के बीच चलने वाली चेन्नई एग्मोर एक्सप्रेस का नया नंबर 11063/11064, मुंबई एलटीटी और बनारस के बीच चलने वाली बनारस एक्सप्रेस का 11067/11068, तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस का 11073/11074, करमाली एसी एक्सप्रेस का 11053/11054 और पुणे-काजीपेट एक्सप्रेस का 11437/11438 होगा। नंबरों में यह बदलाव यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पुराने नंबर से ट्रेन की जानकारी खोजने या टिकट बुक करने में भ्रम की स्थिति बन सकती है।
यात्रा से पहले नए ट्रेन नंबर और टाइम-टेबल की जानकारी जरूर जांचें
रेलवे ने संबंधित स्टेशनों पर अनाउंसमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से यात्रियों को ट्रेनों के नए नंबरों और समय-सारणी की जानकारी देने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा की तारीख से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर ट्रेन का नंबर, प्रस्थान समय, ठहराव और उपलब्धता की जानकारी जरूर जांच लें। खासकर जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा रखा है, उन्हें ट्रेन नंबर में बदलाव से जुड़ी आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना चाहिए। नए साल से लागू होने वाला यह बदलाव एक ओर यात्रियों को सुपरफास्ट सरचार्ज से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर ट्रेन नंबरों में बदलाव के कारण यात्रा से पहले जानकारी अपडेट रखना भी जरूरी होगा।



