Mahadev Satta App Case: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए महादेव सट्टा ऐप मामले में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत और फिर रायपुर लाया गया है, लेकिन इस पूरे मामले में केवल एक ही व्यक्ति की वापसी हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि इस सिंडिकेट के अन्य प्रमुख भागीदार रवि उप्पल और शुभम सोनी अभी भी कानून की पकड़ से बाहर क्यों हैं और उन्हें भारत कब लाया जाएगा?
शुभम सोनी के दावे और भाजपा की राजनीति पर तीखे सवाल
दीपक बैज ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान शुभम सोनी ने एक वीडियो जारी कर खुद को महादेव सट्टा ऐप का असली मालिक बताया था और दावा किया था कि सौरभ चंद्राकर तथा रवि उप्पल उसके लिए काम करते हैं। उस समय भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यालय में बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस वीडियो को जारी किया था। बैज ने कहा कि इसका मतलब यह है कि भाजपा शुभम सोनी के दावों से सहमत थी और उसी के आधार पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर चुनावी लाभ उठाया गया था।
सौरभ चंद्राकर के भारत आने का श्रेय भूपेश सरकार के ठोस प्रयासों को
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया जाना यदि संभव हो सका है, तो इसके पीछे तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और ठोस कानूनी कार्रवाइयां थीं। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही महादेव सट्टा ऐप के खिलाफ पहली एफआईआर से लेकर कुल 72 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसके अलावा 500 से अधिक जफ्तियां की गईं और सैकड़ों आरोपियों की गिरफ्तारियां भी कांग्रेस शासन में ही संभव हो सकी थीं।
लुकआउट सर्कुलर और गूगल प्ले से ऐप हटवाने की कार्रवाई
बैज ने आगे कहा कि रायपुर पुलिस की अर्जी पर ही सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। यही नहीं, केंद्र सरकार और गूगल से अनुरोध करके महादेव सट्टा ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटवाने की पहल भी भूपेश बघेल सरकार ने की थी। ऑनलाइन गेमिंग सट्टा ऐप के खिलाफ सख्त कानूनी ढांचा तैयार करने का काम भी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने ही किया था, जबकि उससे पहले देश में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रभावी कानून मौजूद नहीं था।
डबल इंजन सरकार में भी क्यों बंद नहीं हुआ ऑनलाइन सट्टा?
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा से सीधा सवाल किया कि चुनाव से पहले महादेव सट्टा ऐप को लेकर भाजपा ने जो प्रोपेगंडा रचा था, सत्ता में आने के बाद उस पर अमल क्यों नहीं हुआ? प्रदेश में पिछले तीन वर्षों से डबल इंजन की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद महादेव सट्टा ऐप पूरी तरह बंद नहीं हो सका। आज भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस सट्टा ऐप के विज्ञापन धड़ल्ले से दिखाए जा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कार्रवाई के दावे महज खोखले हैं।
PMO और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर लगे गंभीर आरोप
पत्रकार वार्ता के दौरान दीपक बैज ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में महादेव ऐप मामले में कई रसूखदार नाम उजागर हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और उच्च पदों पर बैठे लोगों द्वारा इस ऐप को संरक्षण देने के प्रमाण सामने आए थे। उन्होंने सवाल किया कि इन अधिकारियों को किसके निर्देश पर संरक्षण दिया जा रहा था और इस पूरे प्रकरण में भाजपा आर्थिक सेल के पूर्व पदाधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही है।
प्रशासनिक संरक्षण और असल दोषियों को बचाने की साजिश
दीपक बैज ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग ऐप का नियंत्रण केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के हाथ में होता है। इसके बावजूद पीएमओ, लॉ कमीशन और प्रसार भारती तक के तारों के जुड़ने के बावजूद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच की दिशा को केवल इसलिए भटकाया जा रहा है ताकि मुख्य साजिशकर्ताओं को प्रशासनिक और राजनीतिक कवच प्रदान किया जा सके।
राज्य में सक्रिय दर्जनों नए ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट की सूची
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि बीते तीन वर्षों में महादेव सिंडिकेट के तहत दर्जनों नए ऑनलाइन सट्टा ऐप्स और सट्टा पैनल खुलेआम सक्रिय हो चुके हैं। इनमें रेड्डी अन्ना, रेड्डी क्लब, FBBET77, CBFTE ऑनलाइन बुक, बेटभाई बुक, फेयरप्ले, सुपरविन, विनबज, जन्नत बुक, महाकाल बुक, राजवीर ऑनलाइन बुक, लोटस 365, लेजर बुक, कोहनूर बुक, अलीबाबा बुक, खेलोयार, एसडी बुक, लॉयन बुक, स्काईएक्सचेंज और डायमंडएक्स डॉट कॉम जैसे नाम शामिल हैं, जो खुलेआम युवाओं को जाल में फंसा रहे हैं।
टैक्स कमाई और संरक्षण राशि का बड़ा खेल
बैज ने पूछा कि आखिर इस अवैध धंधे को लीगल लाइसेंस और सरकारी संरक्षण किस आधार पर दिया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि जब सोशल मीडिया पर इन ऐप्स के विज्ञापन खुलेआम चल रहे हैं, तो केंद्र का आईटी विभाग और राज्य का गृह व वित्त विभाग मौन क्यों हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स कमाई और सत्ता में बैठे लोगों को मिलने वाली कथित प्रोटेक्शन मनी ही इस चुप्पी का मुख्य कारण है?
कांग्रेस की मांग: रवि उप्पल और शुभम सोनी का भी हो तुरंत प्रत्यर्पण
दीपक बैज ने मांग की कि सरकार केवल सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से अपनी जिम्मेदारियों से इतिश्री न करे। उन्होंने मांग की कि रवि उप्पल और शुभम सोनी को तुरंत गिरफ्तार कर भारत लाया जाए और निष्पक्ष जांच कराकर इस पूरे सट्टा नेटवर्क के पीछे छिपे असली संरक्षकों के चेहरों को बेनकाब किया जाए। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस अवैध कारोबार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
