नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेल मंत्रालय द्वारा खेलों को भी अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके कारण देश के बच्चे खेलों के प्रति आकर्षित होकर अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने पेश कर रहे है, और खेल के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर देश का नाम दुनिया भर में रौशन कर रहे हैं। भारत की 15 साल की लिंथोई चानमबम ने शुक्रवार को वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप्स में गोल्ड मैडल जीतकर इतिहास रच दिया। साराजेवो में चल रही वर्ल्ड चैंपियनशिप्स के अंडर-18 कैटेगरी में ब्राजील की बियान्का रेइस पराजित कर भारत को पहली बार वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप्स में पदक दिलाया है। मणिपुर की रहने वाली लिंथोई ने फाइनल में पहुंचने से पहले लगातार चार मैच ईप्पो से जीते। बॉस्निया और हर्ज़ेगोविना की राजधानी साराजेवों में चल रहे इस टूर्नामेंट में लिंथोई ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा।

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15 साल की लिंथोई भारत सरकार की TOPS स्कीम का भी हिस्सा हैं। 2017 में सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप्स में गोल्ड जीतकर लिंथोई ने अपने आगाज़ की दस्तक दे दी थी। इसके बाद से ही लिंथोई इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग कर रही हैं। ऐतिहासिक जीत से पहले लिंथोई ने 2021 में नेशनल कैडेट जूडो चैम्पियनशिप में गोल्ड मैडल अपने नाम किया था। और इसके बाद उन्होंने लेबनान के बेरूत में एशिया-ओशिनिया कैडेट जूडो चैंपियनशिप्स में ब्रॉन्ज़ मैडल जीता था।

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