नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण का लेवल एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि इस समय पराली नहीं जल रही है, लेकिन उसके बाद भी हवा की गुणवत्ता काफी खराब है। इस पर एक्शन लेते हुए CAQM द्वारा दिल्ली-NCR क्षेत्र में GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है।

रविवार की सुबह से दिल्ली एनसीआर में घना कोहरा छाया हुआ है। वहीं अधिकतर इलाकों में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। नोएडा के सेक्टर 125 में AQI 999 दर्ज किया गया। राजधानी और उससे सटे इलाकों में प्रदूषण, बिगड़ा हुआ मौसम और घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी घटकर 200 से 500 मीटर के बीच पहुंच गई है।

एक्सपर्ट राम बूझ ने बताया कि मौसम और पॉल्युशन के कारण प्रदूषणकारी तत्व हवा में से कम नहीं हो रहे, जिसकी वजह से दिल्ली एनसीआर में ये स्थिति देखने को मिल रही है।

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वहीं सेंटर फॉर साइंस की डायरेक्टर अनुमिता राय चौधरी का कहना है कि ठंड और कोहरा दोनों मिलकर पीएम 2.5 और पीएम 10 को जमीन की सतह से ऊपर नहीं उठने देते, जिसके कारण दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के कारण –

  1. वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को खराब कर देता है।
  2. दिल्ली और उससे सटे इलाकों में चलने वाले निर्माण कार्यों की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है।
  3. ठंड का मौसम भी दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने का एक कारक है।
  4. प्रदूषण के लिए कई बाहरी कारक भी जिम्मेदार है जैसे थर्मल पावर प्लांट, ईंट के भट्टे और पराली का धुआं।
  5. इसके अलावा खुले में आग जलाना, टायर एयरोसोल, कोयले की राख, धूल-मिट्टी और प्लास्टिक कचरा से भी दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है।

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