बिलासपुर। मुंगेली जिले के एक स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने की घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि वे आखिर करते क्या हैं? बेंच ने मामले में शिक्षा सचिव से जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट में प्रदेशभर के स्कूलों की स्थिति पर जनहित याचिका की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान एक सरकारी स्कूल की लेवलिंग में गड़बड़ी का मामला और मुंगेली जिले के एक स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने की खबर पर चर्चा हुई। इस पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि क्या यह सब देखने का काम सिर्फ कोर्ट का है?
ट्रांसफार्मर लगाने के काम में बच्चों के इस्तेमाल पर सवाल
इस दौरान तखतपुर के चनाडोंगरी स्कूल का मामला भी सामने आया, जहां बच्चे ट्रांसफार्मर लगाने और उतारने में बिजली कर्मचारियों की मदद कर रहे थे। कोर्ट ने इस पर भी कड़ा सवाल किया और स्कूल शिक्षा सचिव से नए शपथपत्र में जवाब मांगा।
इसी बीच, एडवोकेट टी.के. झा ने सक्ती जिले के सरकारी स्कूलों को लेकर हस्तक्षेप याचिका दी, जिसमें बताया गया कि जिले के 180 स्कूलों में शौचालय नहीं है, करीब 50 में पीने का पानी नहीं, कई स्कूलों के पास भवन ही नहीं है और 150 स्कूलों में चारदीवारी तक नहीं है। इससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। हाई कोर्ट ने इन सभी मुद्दों पर शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है।


