बलौदाबाजार। बलौदा बाजार जिले से एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने शिक्षा जगत को शर्मशार कर दिया है। यहां एक स्कूल के प्रभारी प्राचार्य ने बच्चों के फर्नीचर को प्राइवेट स्कूलों को बेच दिया। इस मामले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुण्डरा के प्रभारी प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया है।
शाला प्रबंधन समिति ने की अनुशंसा..!
दरअसल ग्रामीणों ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुण्डरा के प्रभारी प्राचार्य रमेशर बंजारे के खिलाफ शिकायत की थी। उनका आरोप था कि रमेशर बंजारे शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की अनुशंसा पर स्कूल के कुर्सी और टेबल को निजी स्कूलों को बेच दिया है। जिसके बाद 13 सितंबर को बलौदाबाजार-भाटापारा जिला शिक्षा अधिकारी ने कसडोल विकासखंड शिक्षा अधिकारी की सूचना पर जांच समिति बनाई।
जांच में सही पाए गए आरोप
डुण्डरा तहसीलदार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल और विकासखंड स्त्रोत समन्वयक कसडोल एवं संकुल समन्वयक डुण्डरा, नरघा और कुम्हारी की संयुक्त टीम ने मौके का निरिक्षण के साथ मामले की जांच भी की। इस दौरान रमेशर बंजारे पर लगा आरोप सही पाया गया।
दो स्कूलों को बेच दिया फर्नीचर
इस मामले की जब जांच की गई तो पता चला कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुण्डरा के प्रभारी प्राचार्य रमेशर बंजारे ने विद्यालय के 67 टेबल-बैंच को ज्ञान अमृत विद्यालय, डुण्डरा को बेच दिया था। इसी के साथ ही उसने विद्यालय के 40 टेबल-बैंच को धाविका पब्लिक स्कूल, शिवरीनारायण को बेच दिया था, जिसके बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डुण्डरा के प्रभारी प्राचार्य रमेशर बंजारे को संचालक लोक शिक्षक की ओर से निलंबित कर दिया गया।


