टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) इस समय तेजी से चल रहा है। इसी बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए एक अहम निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई व्यक्ति SIR फार्म भरते समय गलत जानकारी देता है या फर्जी दस्तावेज लगाता है, तो उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
निर्वाचन आयोग ने यह भी बताया कि SIR प्रक्रिया के दौरान नियुक्त बीएलओ किसी भी मतदाता से फोन पर OTP नहीं मांगते। इसके अलावा निर्वाचन आयोग का कोई भी कर्मचारी कॉल कर OTP या पर्सनल जानकारी नहीं पूछेगा। ऐसी स्थिति होने पर आयोग ने सीधे थाने में शिकायत करने की अपील की है।

राज्यभर में 63 हजार 439 बीएलए और बीएलओ मतदाता सूची के सत्यापन और प्रपत्रों के डिजिटलीकरण में लगे हुए हैं। ये कर्मी घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं और उन्हें ऑनलाइन अपडेट भी कर रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने जनता को आगाह करते हुए कहा है कि मृत व्यक्तियों, गैर-भारतीय नागरिकों या किसी व्यक्ति के अनेक स्थानों पर नाम दर्ज होने से संबंधित गलत जानकारी देने से बचें। गलत घोषणा करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
इस बीच SIR फार्म जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल अंतिम तिथि 4 दिसंबर तय है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के राज्य संयोजक गौतम बंद्योपाध्याय ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र भेजकर तिथि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदेश में धान खरीदी का सीजन चल रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान फार्म नहीं भर पा रहे हैं। उन्होंने SIR से जुड़ी भ्रमपूर्ण बातों को भी दूर करने की आवश्यकता जताई है।


