टीआरपी डेस्क।  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रहे हादसों को गंभीरता से लेते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने जांच की। जांच में कई उद्योगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद संबंधित प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किए गए। न्यायालय में सुनवाई के बाद छह औद्योगिक इकाइयों पर कुल 10 लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की 1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट में कारखाना अधिनियम के उल्लंघन पर अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय और कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को अलग-अलग 1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पाए जाने पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी और फैक्ट्री प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा और ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी इकाई में कारखाना अधिनियम के एक अन्य मामले में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा को कुल 2.80 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

See also  Coronavirus का खौफ, 1500 अंक गिरा सेंसेक्स, Yes Bank के शेयर उछले

इसके अलावा ग्राम तराईमाल स्थित मेसर्स एनआरवीएस स्टील्स लिमिटेड में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक पवन अग्रवाल पर 1.60 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं मेसर्स एनआर इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा को भी 1.60 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।