रायगढ़। जिले में खैर की अवैध कटाई और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रायगढ़ और चांपा क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह द्वारा भारी मात्रा में खैर की लकड़ी काटकर अन्य राज्यों में भेजी जा रही थी।

दरअसल डीएफओ, रायगढ़ को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रूप से खैर की लकड़ी की कटाई कर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही उनके निर्देशन में उप वनमण्डलाधिकारी रायगढ़ द्वारा वन परिक्षेत्राधिकारी रायगढ़ एवं उड़नदस्ता की संयुक्त टीम गठित की गई और संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी गई।

दूर तक पीछा कर पकड़ा गया वाहन

तलाशी की भनक लगते ही तस्कर लकड़ी से भरा वाहन लेकर भागने लगे। टीम की सतर्कता और तत्परता से वाहन क्रमांक CG 06 2022 को चंद्रपुर मार्ग पर पकड़ लिया गया। हालांकि वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जिसे बाद में खोजबीन कर पकड़ लिया गया।

See also  हुक्के के गोदाम पर पुलिस का छापा, 25 लाख का माल बरामद, मैनेजर गिरफ्तार

पूछताछ में चालक ने बताया कि खैर की लकड़ी सहसपुरी में डंप कर रखी गई थी, जहां से उसे लोड कर चांपा स्थित मनीष अग्रवाल के गोदाम में ले जाया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह में मेला राम पिता सुधाराम सतनामी नामक व्यक्ति भी शामिल था, जो विभिन्न क्षेत्रों से खैर की लकड़ी इकट्ठा करने का काम करता था।

चांपा में गुप्त गोदाम का खुलासा..

आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर रायगढ़ की टीम ने रात लगभग 1 बजे तक पीछा करते हुए चांपा पहुंचकर अकलतरी भांटा क्षेत्र के पास एक सुनसान स्थान पर बने गुप्त गोदाम में छापा मारा। इस दौरान चांपा वनमण्डलाधिकारी को भी सूचना दी गई। संयुक्त कार्रवाई में गोदाम से भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई।

दूसरे राज्यों में की जाती है तस्करी

जांच में खुलासा हुआ कि आसपास के क्षेत्रों से खैर की लकड़ी काटकर पहले छोटे-छोटे ट्रकों में इकट्ठा की जाती थी, फिर उसे चांपा के बड़े गोदाम में जमा कर अन्य राज्यों विशेषकर पंजाब और हरियाणा भेजा जाता था, जहां इसकी ऊंची कीमत मिलती है।

See also  आफत की बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, UP-BIHAR में जंगल-जमीन-अस्पताल-जेल जलमग्न...बारिश जाने के समय इंद्रदेव के आने का आभास

लंबे समय से सक्रिय था संगठित गिरोह

वन विभाग के अनुसार रायगढ़ और चांपा जिलों में यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और बड़े नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। माननीय कलेक्टर रायगढ़ एवं वनमण्डलाधिकारी रायगढ़ के स्पष्ट निर्देश थे कि खैर की तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसी उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई को विभाग ने बड़ी सफलता बताया है।

इस कार्रवाई में उप वनमण्डलाधिकारी तन्मय कौशिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय लकड़ा एवं उड़नदस्ता सहायक प्रभारी संदीप नामदेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन विभाग ने की ये अपील

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध वन अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत मोबाइल नंबर 9926321401 या टोल फ्री नंबर 1800-233-2631 पर सूचना दें।