बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से नाइट फ्लाइट का उद्घाटन होने के बीच अब नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ सरकार और प्रशासन इस सुविधा को उपलब्धि बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हवाई सेवा जनसंघर्ष समिति ने दावा किया है कि तकनीकी कारणों से फिलहाल रात में उड़ान संभव ही नहीं है।
समिति के मुताबिक, एयरपोर्ट का रनवे पहले 1490 मीटर का प्रस्तावित था, लेकिन नाइट ऑपरेशन के लिए इसे घटाकर 1450 मीटर कर दिया गया है। यही कमी अब परेशानी की जड़ बन गई है। बताया जा रहा है कि इतने छोटे रनवे पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेक ऑफ में दिक्कत आ रही है।
जानकारी के अनुसार, एलायंस एयर के पायलटों ने 1450 मीटर रनवे पर नाइट फ्लाइट ऑपरेट करने में असमर्थता जताई है। उनका कहना है कि यह लंबाई सुरक्षित संचालन के लिए पर्याप्त नहीं है। यानी तकनीकी रूप से अनुमति मिलने के बावजूद व्यवहार में उड़ान संभव नहीं है।
समिति ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा हर एयरपोर्ट के लिए एक टेक्निकल मैप मंजूर किया जाता है, जिसमें विमान की क्षमता के अनुसार रनवे उपयोग की सीमा तय होती है। एलायंस एयर के लिए यह सीमा 1490 मीटर तक है, लेकिन नाइट ऑपरेशन के लिए 1450 मीटर की शर्त ने पूरी व्यवस्था को उलझा दिया है।
जनसंघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि बिलासपुर एयरपोर्ट के मामले में कहीं न कहीं गड़बड़ी हो रही है। तकनीकी या आर्थिक कारणों का हवाला देकर यहां हवाई सुविधा को रोका जा रहा है। समिति का यह भी कहना है कि रनवे विस्तार और 4सी कैटेगरी की दिशा में भी ठोस काम नहीं हो पा रहा है।
हवाई सेवा विस्तार व पूर्ण सुविधायुक्त 4सी एयरपोर्ट के मुद्दे को लेकर समिति का महाधरना लगातार जारी है। धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हो रहे हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। रविवार को भी यह धरना राघवेंद्र राव सभा भवन के सामने जारी रहा।


