रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात का केंद्र बिंदु बस्तर रहा। दरअसल, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में नक्सलवाद के खात्मे के संकेतों के बीच अब राज्य सरकार बस्तर के कायाकल्प के लिए बस्तर 2.0 की रणनीति पर काम कर रही है, जिसका ब्लूप्रिंट सीएम ने प्रधानमंत्री के सामने रखा।

क्या है बस्तर 2.0? सरकार की नई 5 सूत्री रणनीति
बता दें कि अब बस्तर में केवल बंदूकें नहीं शांत होंगी, बल्कि वहां विकास की नई लहर दौड़ेगी। मुख्यमंत्री साय ने साफ किया कि सरकार अब 5 विशेष पिलर्स पर काम करेगी…
- सैचुरेशन (Saturation): हर गांव तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत पहुंचना।
- कनेक्ट (Connect): अंदरूनी इलाकों में सड़क, मोबाइल टावर और इंटरनेट का जाल।
- फैसिलिटेट (Facilitate): शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को सुगम बनाना।
- एम्पावर (Empower): स्थानीय युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना।
- एंगेज (Engage): मुख्यधारा से भटके लोगों और युवाओं को विकास कार्यों से जोड़ना।
विकास और रोजगार का नया अध्याय
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बस्तर 2.0 के तहत स्थानीय उपजों (Minor Forest Produce) के प्रसंस्करण और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस योजना के जरिए बस्तर के युवाओं को उनके घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और पलायन पर पूरी तरह रोक लगेगी।

पर्यटन और स्टार्टअप का बनेगा नया केंद्र बनेगा बस्तर
दरअसल, मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को जो ब्लूप्रिंट सौंपा है, उसमें बस्तर को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की पूरी रणनीति है। अब बस्तर की पहचान बदलने वाली है। सरकार बस्तर के जलप्रपातों और प्राकृतिक सुंदरता को ग्लोबल टूरिज्म मैप पर लाएगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को स्टार्टअप और इनोवेशन से जोड़ा जाएगा। इसी के साथ ही बस्तर में सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी के बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे। अब जगदलपुर से देश के अन्य बड़े शहरों के लिए उड़ानें और ट्रेनें बढ़ाना प्राथमिकता होगी। घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में अब अत्याधुनिक अस्पताल और वर्ल्ड क्लास स्कूल बनाने की योजना है।
पीएम मोदी को मानसून के बाद बस्तर आने का न्योता
गौरतलब है कि मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बदलाव के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। सीएम साय ने पीएम मोदी को मानसून के बाद बस्तर आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया है।


