रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर गर्मी अपने तेवर दिखाने को तैयार है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है। यानी अब दिन में घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

लू का खतरा: इन संभागों में बढ़ेगी तपिश

मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, दो दिन बाद यानी 12 अप्रैल से प्रदेश के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर सकता है। इन क्षेत्रों में लू (Loo) जैसी स्थिति बनने की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।फिलहाल राजनांदगांव में तापमान 37.5°C तक पहुंच गया है, वहीं अंबिकापुर में रातें अब भी थोड़ी ठंडी हैं।

क्यों बदला मौसम? क्या कहते हैं वैज्ञानिक

दरअसल, ओडिशा के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है और तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है। लेकिन मैदानी सूत्रों का कहना है कि इन सिस्टम्स का छत्तीसगढ़ पर अब कोई खास असर नहीं दिख रहा है। प्रदेश में नमी का आना बंद हो गया है और हवाएं शुष्क हो गई हैं। आज 10 अप्रैल को राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में आसमान बिल्कुल साफ रहेगा। रायपुर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।

See also  Weather Update: छत्तीसगढ़ में बदल रहा है मौसम का मिजाज, न्यूनतम तापमान में गिरावट

दोपहर में निकलने से बचें: प्रशासन की सलाह

तापमान में अचानक आने वाले इस उछाल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लू से बचाने के लिए विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई थी, लेकिन अब सूरज के तीखे तेवर लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाले हैं।