टीआरपी डेस्क। आम आदमी पार्टी के भीतर पिछले लंबे समय से चल रही खींचतान अब आर-पार की जंग में तब्दील हो गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी को अलविदा कहते हुए राजनीति के गलियारों में सनसनी मचा दी है।

पार्टी के सिद्धांतों और वजूद पर राघव का बड़ा हमला

राघव चड्ढा ने साफ लफ्जों में कहा है कि जिस आम आदमी पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल कुर्बान कर दिए, वह अब अपने मूल उद्देश्यों से पूरी तरह भटक चुकी है। दरअसल राघव का कहना है कि पार्टी अब भ्रष्ट लोगों के चंगुल में है, जिसके कारण उनके पास केवल दो ही रास्ते बचे थे कि या तो वह राजनीति छोड़ दें या फिर अपना एक अलग रास्ता चुन लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपना चमकता हुआ करियर छोड़कर राजनीति में सेवा के भाव से आए थे, न कि पद के लालच में।

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राज्यसभा में टूट और बीजेपी के साथ नई पारी की शुरुआत

इस पूरी उठापटक की सबसे बड़ी खबर यह है कि राघव चड्ढा अकेले नहीं जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद उनके साथ हैं और वे सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प में भरोसा जताते हुए बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।

पार्टी के भीतर से आ रही जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा में पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से बहुमत अब बागी गुट के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। इन सांसदों के नाम इस प्रकार हैं।

  • राघव चड्ढा
  • संदीप पाठक
  • स्वाति मालीवाल
  • हरभजन सिंह
  • विक्रमजीत सिंह साहनी
  • अशोक मित्तल
  • एन.डी. गुप्ता

संदीप पाठक का इमोशनल कार्ड और आईआईटी प्रोफेसर से नेता तक का सफर

पार्टी के रणनीतिकार माने जाने वाले संदीप पाठक ने भी इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें उस पार्टी को छोड़ना पड़ेगा जिससे वह 10 साल से जुड़े थे। आईआईटी में प्रोफेसर की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए संदीप पाठक ने बताया कि राज्यसभा सभापति के पास सांसदों के हस्ताक्षर जमा करा दिए गए हैं।

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