रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी समेत कई जिलों में शुक्रवार सुबह मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। रायपुर में सुबह करीब 8 बजे ही घने काले बादल छा गए और मानसूनी फुहारों जैसी तेज बारिश शुरू हो गई। भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को इस बारिश ने बड़ी राहत दी है। हालांकि, तेज आंधी और अंधड़ ने कई जगहों पर व्यवस्थाएं बिगाड़ दी हैं।
राजधानी में मानसून जैसी दस्तक, ठंडी हवाओं ने दी राहत
रायपुर में शुक्रवार की सुबह किसी सुहाने शाम जैसी नजर आई। गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने शहर का तापमान काफी गिरा दिया है। सड़कों पर ठंडी हवाएं चल रही हैं। रायपुर के अलावा रायगढ़ और धमतरी में भी बादलों ने डेरा जमाया और हल्की से मध्यम बारिश हुई। खेतों और गलियों में पानी भर गया है, जिससे गर्मी से तप रही धरती को सुकून मिला है।
आंधी का तांडव: बलौदा बाजार और बिलासपुर में बिजली ठप
बारिश के साथ आई तेज आंधी ने कई जगहों पर नुकसान भी पहुंचाया है। बलौदा बाजार में देर रात आए तूफान की वजह से कई बड़े पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए। इससे सुबह दफ्तर और दुकान जाने वालों को काफी परेशानी हुई। नगरपालिका की टीम पेड़ काटकर रास्ता साफ करने में जुटी है।
वहीं, बिलासपुर और महासमुंद में भी आंधी-तूफान का असर दिखा। बिजली के तार टूटने और खंभों में आई खराबी की वजह से कई इलाकों में अंधेरा छाया रहा। महासमुंद के पिथोरा में तेज बारिश से गांवों की गलियां जलमग्न हो गई हैं।
क्यों बदला मौसम? मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, एक टर्फ लाइन और चक्रवाती घेरे (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने से हवा में नमी बढ़ी है। इसी वजह से अचानक मौसम बदला है। विभाग ने आज प्रदेश के 17 से ज्यादा जिलों में ऑरेज अलर्ट जारी किया है। राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
बस्तर संभाग के जिलों जैसे सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों के नीचे शरण न लें।


