टीआरपी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं के लिए मुफ्त एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) वैक्सीन टीकाकरण अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के इस विशेष अभियान के तहत राज्य के जिला चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में हर दिन सैकड़ों बेटियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है।
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है, जिसे सही समय पर टीका लगाकर रोका जा सकता है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में इस निःशुल्क अभियान के पहुंचने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की बेटियों को भी यह महंगा टीका मुफ्त मिल रहा है, जिससे राज्य का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा।
बलरामपुर जिले में अभियान की तेज रफ्तार
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में इस अभियान को बेहतरीन सफलता मिल रही है। जिले में अब तक कुल 2084 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी की खुराक दी जा चुकी है। वहीं, अंदरूनी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी में 150 के लक्ष्य के मुकाबले 142 बालिकाओं का रिकॉर्ड टीकाकरण किया जा चुका है।
कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और बेहद असरदार है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किशोरावस्था में ही यह सुरक्षा चक्र मिल जाने से भविष्य में संक्रमण और कैंसर की संभावना न के बराबर हो जाती है।
लक्षित आयु वर्ग: केवल 14 से 15 वर्ष की किशोरी बालिकाएं।
टीकाकरण का समय: प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक।
उपलब्धता स्थान: राज्य के सभी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और कोल्ड-चेन युक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)।
लागत: निजी अस्पतालों में यह टीका काफी महंगा है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर यह पूरी तरह निःशुल्क लगाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में स्थानीय स्कूलों और आंगनबाड़ियों के माध्यम से छूटे हुए बच्चों को ट्रैक करने की योजना बना रहा है। प्रशासन का लक्ष्य राज्य की शत-प्रतिशत पात्र बालिकाओं को कवर करना है ताकि छत्तीसगढ़ भविष्य में सर्वाइकल कैंसर मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ सके।


