मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
जानकारी के अनुसार, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच तक पानी बरस सकता है। मौसम विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बालाघाट और आसपास के इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश
पिछले 24 घंटों में बालाघाट और आसपास के इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। बालाघाट में भारी बारिश के कारण दैतबर्रा-मंगलेगांव पुल, टोंडिया नाला और थानेगांव का नाला पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई रास्तों पर आवागमन रोक दिया है, हालांकि कुछ लोग जोखिम उठाकर नाले पार करते नजर आए। टोंडिया नाले का पानी एक स्थानीय ढाबे में भी घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं ग्वालियर में भी बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां होगी कम
इस मानसूनी बारिश के पीछे मजबूत मौसम प्रणालियों का हाथ है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय प्रदेश के ऊपर एक सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। यह मौसमी सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों तक पहुंच रहा है, जिससे नमी लगातार बढ़ रही है और बड़े पैमाने पर बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है, जिससे बारिश की गतिविधियों में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
आगामी दिनों के लिए भी चेतावनी जारी
मौसम विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने आगामी दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। कृषि वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे ने बताया कि आगामी चौबीस घंटों के दौरान कई जिलों में बहुत भारी बारिश के साथ-साथ तेज बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नालों और पुलों को पार करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
जलभराव से लोगों को हो रही समस्याएं
इस लगातार हो रही बारिश का सीधा असर आम जनजीवन, खेती और स्थानीय यातायात पर पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को जहां एक तरफ फायदा पहुंच रहा है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव से किसानों और शहरवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहा, तो कई जिलों में छोटे बांधों और नदियों का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है।
FAQs
Q1. मध्य प्रदेश में किन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: मौसम विभाग ने बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
Q2. इस भारी बारिश का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मजबूत मौसम प्रणाली बनी हुई है।
Q3. बालाघाट में बारिश के कारण क्या स्थिति बनी है?
उत्तर: लगातार बारिश से टोंडिया नाला और कई अन्य नाले उफान पर हैं, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
Q4. ग्वालियर और अन्य संभागों में मौसम का कैसा हाल है?
उत्तर: ग्वालियर में सुबह झमाझम बारिश से उमस से राहत मिली है, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्की से तेज बारिश हो रही है।
Q5. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों और आम लोगों को क्या सलाह दी है?
उत्तर: वैज्ञानिकों ने आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा उफनते नालों से दूर रहने की अपील की है।


