रायपुर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप पर गिरी गाज। उच्च शिक्षा संचालनालय ने शासकीय कार के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
23 जुलाई को जारी नोटिस में 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। आज 30 जुलाई को जवाब देने का आखिरी दिन है।
क्या है पूरा मामला ?
एक उच्च स्तरीय जांच समिति ने विवि की शासकीय कार CG-02-6681 के उपयोग को लेकर जांच की थी। जांच में सामने आया कि कार दुर्घटनाग्रस्त हुई और उसकी मरम्मत में नियमों का पालन नहीं किया गया।
क्षेत्रीय कार्यालय उच्च शिक्षा दुर्ग की रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय ने नोटिस जारी किया। प्रथम दृष्टया जांच में कई बिंदुओं पर अनियमितताएं मिली हैं।
नोटिस में कुल 5 बिंदुओं पर मांगा गया जवाब
विभागीय सूत्रों के अनुसार कुलसचिव से इन 5 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है:
1. निजी उपयोग का आरोप: शासकीय वाहन CG-02-6681 का नियमों के विपरीत निजी कार्यों में उपयोग
2. मरम्मत में अनियमितता: दुर्घटनाग्रस्त वाहन की मरम्मत में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना विश्वविद्यालय की शासकीय राशि खर्च करना
3. बीमा क्लेम नहीं कराना: वाहन की मरम्मत के बाद भी बीमा दावा नहीं कराने का आरोप
4. अधिक खर्च: सरकारी वाहन के मेंटेनेंस पर आवश्यकता से अधिक खर्च किया जाना
5. निजी स्तर पर मरम्मत: दुर्घटना के बाद वाहन को अधिकृत प्रक्रिया के बजाय निजी स्तर पर मरम्मत कराना और भुगतान में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका
आरोपों को माना गया गंभीर
जांच रिपोर्ट में इन सभी बिंदुओं को वित्तीय एवं प्रशासनिक लापरवाही की श्रेणी में रखा गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है।
अब देखना होगा कि कुलसचिव आज दिए जाने वाले जवाब में क्या स्पष्टीकरण देते हैं।

FAQ: दुर्ग विवि कुलसचिव नोटिस मामला
सवाल 1. किसे नोटिस मिला है ?
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को।
सवाल 2. नोटिस किसने और कब जारी किया ?
उच्च शिक्षा संचालनालय, रायपुर के आयुक्त ने 23 जुलाई 2026 को 7 दिन के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया।
सवाल 3. आरोप क्या हैं ?
शासकीय कार का निजी उपयोग, बिना प्रक्रिया मरम्मत, बीमा क्लेम न कराना, अधिक खर्च और वित्तीय अनियमितता के 5 आरोप।
सवाल 4. जवाब देने की आखिरी तारीख कब है ?
30 जुलाई 2026 आज जवाब देने का अंतिम दिन है।
सवाल 5. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है ?
जवाब के बाद यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला तो विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।


