छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के निवास पर ईडी छापे के दौरान तैनात सुरक्षा बल।
धमतरी स्थित निवास पर जांच दल की दबिश के बीच तैनात सुरक्षा कर्मी।

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से सियासी हलकों में हलचल बढ़ गई। ED की टीम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के औद्योगिक वार्ड स्थित आवास पर दबिश दी। सुबह से ही अधिकारी घर के भीतर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, ED की टीम दो अलग-अलग वाहनों से रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची। कार्रवाई में ED के चार अधिकारी और सुरक्षा बल के चार जवान शामिल हैं। टीम के पहुंचने के बाद घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। करीब आठ सदस्यीय टीम की कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है।

किन मामलों से जुड़ सकती है कार्रवाई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ED की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित शराब घोटाले, कोयला घोटाले और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में हो सकती है। हालांकि, फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं रामगोपाल अग्रवाल
रामगोपाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ कांग्रेस में लंबे समय तक संगठन की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके आवास पर ED की कार्रवाई की खबर के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी
शराब, कोयला और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों में आरोपी रामगोपाल अग्रवाल लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर थे। करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद EOW और ACB ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। 8 जुलाई को एजेंसी की टीम ने उनसे पूछताछ की थी, जिसके बाद 9 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल रामगोपाल अग्रवाल जेल में हैं।

शराब घोटाले में ED की पिछली बड़ी कार्रवाइयां, 2023 में जांच तेज हुई
ED ने कथित शराब घोटाले में कई ठिकानों पर कार्रवाई की और सिंडिकेट से जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। एजेंसी के मुताबिक मामला 2019 से 2022 के बीच शराब कारोबार में कथित अवैध कमीशन और सरकारी खजाने को नुकसान से जुड़ा है।

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अप्रैल 2024 में बड़ी गिरफ्तारी
ED ने रिटायर्ड IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।

जुलाई 2025 में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ED ने 18 जुलाई 2025 को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले भिलाई स्थित उनके ठिकाने पर ED ने छापेमारी की थी।

सितंबर 2025 में चार्जशीट
ED ने चैतन्य बघेल के खिलाफ करीब 7,000 पन्नों का चालान अदालत में पेश किया था।

दिसंबर 2025 में बड़ी चार्जशीट
ED ने मामले में 81 आरोपियों के खिलाफ अंतिम अभियोजन शिकायत/चार्जशीट दाखिल की। इसमें कथित घोटाले की रकम करीब ₹3,000 करोड़ बताई गई।

जून 2026 में संपत्ति अटैचमेंट
ED ने शराब घोटाले से जुड़े मामले में करीब ₹1,000 करोड़ की संपत्तियां अटैच किए जाने की जानकारी दी। इसी अपडेट में एजेंसी ने चार और आरोपियों के नाम जोड़ते हुए कुल आरोपियों की संख्या 85 बताई थी।

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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।