Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शानदार वापसी देखने को मिली। पिछले लगातार सात कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 628.04 अंक यानी 0.82 प्रतिशत की बड़ी बढ़त के साथ 77,537.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 153.55 अंक मजबूत होकर 24,231.85 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) तथा बैंकिंग शेयरों में हुई लिवाली के चलते दलाल स्ट्रीट में आज चौतरफा खरीदारी का माहौल बना रहा।
कारोबार के दौरान बाजार की मजबूती को कई कारकों ने समर्थन दिया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा, जिससे भारतीय शेयर बाजार में भारी उछाल दर्ज किया गया। इसके अलावा, भारतीय रुपये में आई मजबूती और निचले स्तरों पर हुई शॉर्ट कवरिंग ने सूचकांकों को ऊपर खींचने का काम किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा चुनिंदा दिग्गजों में की गई खरीदारी और यूरोपीय तथा एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुख ने भी दलाल स्ट्रीट के निवेशकों का मनोबल बढ़ाया।
सात दिनों की मंदी के बाद मिला ब्रेक
पिछले एक हफ्ते से भारतीय इक्विटी बाजार लगातार दबाव में काम कर रहे थे। विदेशी फंडों की सतत बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों के अरबों रुपये डूब गए थे। निफ्टी लगातार 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसलने के जोखिम से जूझ रहा था। हालांकि, गुरुवार की तेजी ने तकनीकी चार्ट पर एक मजबूत सपोर्ट स्तर तैयार किया है, जिससे खुदरा और संस्थागत निवेशकों को कुछ राहत मिली है।
क्या कहते है विश्लेषक?
बाजार के जानकारों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी मुख्य रूप से तकनीकी सुधार और अनुकूल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का नतीजा है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख के अनुसार, “अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और आईटी सेक्टर में आए नए निवेश ने बाजार को मजबूती दी है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहकर आगे की तिमाहियों के नतीजों और वैश्विक वृहद आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए।”
निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर?
इस तेजी से दलाल स्ट्रीट में निवेशकों की संपत्ति में भारी बढ़ोतरी हुई है। आईटी, बैंकिंग और कंजम्पशन सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से बाजार की धारणा में सुधार आया है। यदि निफ्टी 24,200 के ऊपर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहता है, तो आने वाले सत्रों में नया निवेश देखने को मिल सकता है। हालांकि, तेल-गैस और मेटल सेक्टर में सीमित बिकवाली यह दर्शाती है कि बाजार में अभी भी चुनिंदा शेयरों में ही आक्रामक खरीदारी हो रही है।


