मेकाहारा में जूनियर डॉक्टरों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, शाम तक का दिया अल्टीमेटम, कोरोना से बचने की पर्याप्त सुविधा तक नहीं दे पा रहा है प्रबंधन
मेकाहारा में जूनियर डॉक्टरों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, शाम तक का दिया अल्टीमेटम, कोरोना से बचने की पर्याप्त सुविधा तक नहीं दे पा रहा है प्रबंधन

रायपुर। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल मेकाहारा के जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कोरोना काल के दौरान डॉक्टरों का यह कदम अटपटा जरूर लगता है मगर डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा करना उनकी मज़बूरी है। दरअसल यही डॉक्टर अस्पताल में कोरोना के मरीजों की जान बचाने में लगे हुए हैं, मगर खुद इन्हे कोरोना से बचाव के लिए जिस तरह की व्यवस्था मिलनी चाहिए वह अस्पताल प्रबंधन मुहैया नहीं करा पा रहा है। डॉक्टरों ने पहले दिन OPD का बहिष्कार किया है और प्रबंधन को आज शाम तक का समय दिया है, इस दौरान अगर इनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो इनका चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

सुविधाओं का है जबरदस्त आभाव

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ इंद्रेश यादव ने TRP न्यूज़ से चर्चा करते हुए बताया कि मेकाहारा में कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले जूनियर डॉक्टरों को पर्याप्त सुविधा नहीं दी जा रही है। आलम यह है कि डॉक्टरों को PPE किट के नीचे पहना जाने वाला स्क्रब नहीं दिया जा रहा है, वहीं मास्क और ग्लब्स भी घटिया क्वालिटी का दिया जा रहा है। इसके अलावा PPE किट पहनने वाले छोटे से कक्ष में डाउनिंग – ड्रॉपिंग वाले स्थान की व्यवस्था भी ठीक नहीं है, जिससे कोरोना के संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसके अलावा डॉक्टर जहाँ पर बैठते है वहाँ छोटा सा पंखा लगा होता है और डॉक्टर गर्मी से परेशान रहते हैं। डॉक्टरों ने इसके अलावा अपना वेतन और सुविधाएं भी बढ़ाने की भी मांग की है।

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इस छोटे से कमरे में डाउनिंग ड्रॉपिंग करते हैं जूनियर डॉक्टर

डॉक्टर कोरोना से अपनी जान बचाएं या…

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ प्रेम चौधरी ने बताया कि जिन परिस्थितियों में वे काम कर रहे हैं, उसके चलते अधिकांश डॉक्टर कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, मगर हालात ये हैं कि कोविड ड्यूटी के रोटेशन के बाद 10 दिन के आइसोलेशन की बजाय उन्हें सामान्य मरीजों के इलाज की ड्यूटी पर लगा दिया जाता है, जबकि ICMR की गाइडलाइन इससे अलग है। जूनियर डॉक्टर बहुत ही खतरे केबीच काम कर रहे हैं, मगर उनकी सुनने वाला कोई भी नहीं है। यह हाल राज्य के सबसे बड़े अस्पताल का है तो जिलों के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर्स की हालत का अंदाजा लगाया सकता है।

इन परिस्थितियों में काम करते है मेकाहारा के जूनियर डॉक्टर

अस्पताल के डीन से हुई चर्चा, शाम तक का दिया अल्टीमेटम

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने आज से लेकर दो दिनों तक OPD की ड्यूटी का बहिष्कार करने की घोषणा की है। इसके बाद भी अगर उनकी मांगे नहीं मानी गयी तो 15 अप्रैल से इमरजेंसी सेवाएं, और दो दिनों बाद कोविड ड्यूटी का बहिष्कार करने की चेतावनी दी गयी है। JDA की कोषाध्यक्ष डॉ दिव्यश्री ने बताया कि उन्होंने डीन डॉ विष्णुदत्त से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है, डीन ने उनकी मांगों के संबंध में उच्चाधिकारियों से चर्चा कर शाम तक जानकारी देने की बात कही है, अगर तब तक शासन की और से कोई भी पहल नहीं की गई तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

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