Trump Sign Tariff Letter: वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने 12 देशों से एक्सपोर्ट पर प्रस्तावित टैरिफ लेवल्स वाले लेटर्स साइन किये हैं। ये लेटर सोमवार को इन देशों को भेज दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये ऑफर्स नॉन-नेगोशिएबल होंगे।

अमेरिकी ट्रेडिंग पार्टनर्स के साथ यह Take it or Leave it वाला प्रस्ताव है। रिपोर्टर्स के साथ बात करते हुए ट्रंप ने उन देशों का नाम बताने से मना कर दिया जिन्हें ये लेटर भेजे जाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम सोमवार को जारी किये जाएंगे।

उन्होंने रिपोटर्स से कहा, मैंने कुछ लेटर्स साइन किये हैं और वे सोमवार को जारी होंगे। ये संभवतया 12 हैं। डिफरेंट अमाउंट्स ऑफ मनी, डिफरेंट अमाउंट ऑफ टैरिफ। इस हफ्ते के शुरुआत में ट्रंप ने संकेत दिया था कि लेटर्स का पहला बैच शुक्रवार को जारी किया जाएगा। लेकिन इस दिन अमेरिका में राष्ट्रीय अवकाश था, इसलिए समय को बदल दिया गया है। अब ये सोमवार को जारी होंगे।

See also  वैष्णो देवी के दरबार में चढ़ावे की भरमार, 20 सालों में श्रद्धालुओं ने चढ़ाया 1800 किलो सोना, 4700 किलो चांदी और 2000 करोड़ से ज्यादा की नकदी

Trump Sign Tariff Letter: मिनी-व्यापार सौदे पर ले सकते हैं अंतिम निर्णय

अमेरिकी रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडिया और यूएस अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मिनी-व्यापार सौदे अंतिम निर्णय ले सकते हैं। भारत और अमेरिका के बीच होने वाली मिनी ट्रेड डील की खबरों के बीच अमेरिका के ट्रैजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने अन्य देशों के साथ अमेरिकी ट्रेड डील के बारे में बात की।

उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने शुरुआत में उच्च दरों के टैरिफ लगाने के बाद देशों को 9 जुलाई तक के लिए राहत दी थी। डेडलाइन के आने के पहले हम कई देशों के साथ व्यापार समझौते के करीब पहुंच गए हैं। आने वाले दिनों में आपको कई बड़ी घोषणाएं सुनने को मिलेंगी।

बेसेंट ने कहा, बड़े देशों के अलावा ट्रंप प्रशासन उन छोटे 100 देशों को भी टैरिफ से जुड़े पत्र भेजेगा, जिनके साथ अमेरिका का ज्यादा व्यापार नहीं है। हम उन्हें यह बताएंगे कि निर्धारित उच्च टैरिफ्स का सामना करना पड़ेगा।

See also  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आत्मसम्मान के लिए उतरेगी टीम इंडिया

बेसेंट ने कहा, हमारे बड़े व्यापारिक साझेदारों को राष्ट्रपति ट्रंप पत्र लिखकर यह समझाएंगे कि अगर आप अमेरिकी हितों को ध्यान में रखकर चीजों पर आगे नहीं बढ़ते हैं तो फिर 1 अगस्त से लगने वाले टैरिफ भी 2 अप्रैल के टैरिफ वाले स्तर पर पहुंच जाएंगे।