रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार 14 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर पूरी तरह तैयार है। सत्र से ठीक पहले शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है, जिसकी पुष्टि खुद मुख्यमंत्री ने रायगढ़ दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में की।

साय ने गुरुपूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और अपने राजनीतिक सफर की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब हर साल वहां आते थे और जनता से जुड़ाव बनाए रखते थे। इसी सिलसिले में उन्होंने मानसून सत्र से जुड़ी तैयारियों की जानकारी भी साझा की।

हंगामेदार रहेगा सत्र

14 से 18 जुलाई तक चलने वाला यह सत्र सिर्फ 5 बैठकों का होगा, लेकिन राजनीतिक तापमान हाई रहने वाला है। विपक्ष हर दिन स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरेगा। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल किसान, खाद-बीज संकट, कानून व्यवस्था, युक्तियुक्तकरण, पेड़ों की कटाई, अवैध रेत और शराब कारोबार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहेंगे। भारत माला परियोजना में कथित भ्रष्टाचार एक बार फिर सदन में गरमा सकता है।

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996 सवाल, तीखे तेवर

इस बार विधायकों ने कुल 996 सवाल लगाए हैं, जो साफ संकेत है कि सत्र में बहसें तीखी होंगी। विपक्ष के अलावा सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी सवालों के जरिए दबाव बनाते दिख सकते हैं।

नए विधेयक और अनुपूरक बजट की तैयारी

सत्र के दौरान सरकार कुछ नए विधेयक पेश कर सकती है। खासकर राजस्व, आवास और पर्यावरण विभाग से जुड़े विधेयकों की संभावना है। इसके अलावा अन्य विषयों पर भी सरकार कानून ला सकती है। एक और अहम पहलू यह रहेगा कि सरकार इस सत्र में अनुपूरक बजट भी पेश कर सकती है।

विपक्ष बना रहा रणनीति

सदन में सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए विपक्ष पूरी तैयारी में है। पार्टी संगठन की ओर से विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सत्र में आक्रामक रहें और सरकार की नाकामी को जनता के सामने लाएं। अंतिम रणनीति विधायक दल की बैठक में तय की जाएगी।

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