जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। शहडोल निवासी आरोपी अनुज कुमार शुक्ला ने लोन दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों से करीब 55 लाख रुपये ठग लिए। पाटन थाना पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया और शहडोल पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब उसे रिमांड पर जबलपुर लाया जाएगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दर्ज कराई शिकायत
अनुज कुमार शुक्ला ने खुद को सरकारी योजना विशेषज्ञ बताकर ग्रामीण इलाकों में लोगों को झांसे में लिया। उसने दावा किया कि PMEGP के तहत आसानी से लोन मिलेगा, जिसमें 35% सब्सिडी भी शामिल है। लोन स्वीकृत कराने के लिए उसने मार्जिन मनी के नाम पर प्रति व्यक्ति 10-20 हजार रुपये वसूले। आरोपी ने अफसरों से ‘सेटिंग’ होने का दावा कर ग्रामीणों का भरोसा जीता, लेकिन लोन स्वीकृत नहीं हुआ। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो वह गायब हो गया। पाटन थाना क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज की, जिसमें ठगी की कुल राशि 55 लाख रुपये बताई गई।
फर्जी दस्तावेजों से जीता भरोसा
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज और योजना से संबंधित जानकारी देकर भरोसा जीता। वह शहडोल जिले का निवासी है और वहां भी कई लोगों को इसी तरह ठग चुका है। शहडोल पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे उसके घर से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, योजना के नकली ब्रोशर और कुछ नकदी बरामद हुई।
पूछताछ में कबूलनामा
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कई जिलों में घूमकर PMEGP के नाम पर ठगी करता था। पुलिस अब उसके अन्य सहयोगियों और ठगी के दायरे की जांच कर रही है। जबलपुर पुलिस उसे रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी ताकि अन्य पीड़ितों और संभावित अपराधों का पता लगाया जा सके।


