टीआरपी डेस्क। Accident In Power Station : तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक बड़ा और दुखद हादसा हो गया है। चेन्नई थर्मल पावर स्टेशन में निर्माण कार्य के दौरान एक 30 फीट ऊंची आर्च नीचे गिर गई, जिसकी चपेट में आकर 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है।

हादसे का भयावह मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। अचानक एक आर्च ढह गई और उसके नीचे काम कर रहे मजदूर दब गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि तेज आवाज सुनकर पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

आसपास मौजूद मजदूरों और स्टाफ ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को इस पूरे हादसे की सूचना दी गई। कुछ ही समय में राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे से 10 मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टर्स ने 9 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया, जबकि 1 मजदूर की हालत नाजुक बनी हुई है।

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कौन थे मृतक मजदूर ?

जानकारी के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले सभी 9 मजदूर असम के प्रवासी श्रमिक थे। घटना के समय करीब 3,700 मजदूर साइट पर काम कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा, चेन्नई में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं, उन्होंने पीड़ित परिवारों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री स्टालिन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹10-10 लाख मुआवजा देने के साझ ही शवों को असम भेजने के निर्देश दिए।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, चेन्नई में असम के प्रवासी श्रमिकों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और हरसंभव मदद दी जाएगी।

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घटना की जांच के आदेश

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आर्च गिरने की वजह क्या थी, निर्माण में लापरवाही, तकनीकी खामी या कोई अन्य कारण।

यह हादसा एक बार फिर से बिल्डिंग निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की ओर इशारा करता है। असम से सैकड़ों किलोमीटर दूर मजदूरी करने आए इन प्रवासी श्रमिकों की मौत ने सुरक्षा और मानवीयता के कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Accident In Power Station : सरकार से अपेक्षा है कि मृतकों के परिवारों को न्याय, आर्थिक सहायता और सुरक्षा नियमों में सुधार के ठोस कदम जल्द देखने को मिलेंगे।