टीआरपी डेस्क। Naxal Surrender : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को एक और बड़ा झटका लगा है। दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें से 27 नक्सलियों पर कुल ₹65 लाख का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इन्द्रावती एरिया कमेटी और माड़ क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।
सभी नक्सलियों ने सरकार की पुनर्वास योजना ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ से प्रभावित होकर दंतेवाड़ा DRG कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार डाले।
यह आत्मसमर्पण हाल ही में 2 बड़े नक्सल नेताओं चैतू और अनंत के आत्मसमर्पण के बाद नक्सल संगठन के लिए तीसरा बड़ा झटका माना जा रहा है। सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास योजनाओं से नक्सलियों के मनोबल कमजोर होता नजर आ रहा है।
इनामी नक्सलियों की पहचान और इनाम राशि
- ₹8 लाख के इनामी नक्सली (4 नक्सली)
- कुमली उर्फ अनिता मंडावी (कंपनी 6 का सदस्य)
- गीता उर्फ लख्मी मड़काम (कंपनी 10 सदस्य)
- रंजन उर्फ सोमा मंडावी (कंपनी 6 सदस्य)
- भीमा उर्फ जहाज कलमू (कंपनी 2 सदस्य)
- ₹5 लाख का इनामी नक्सली (1)
- क्रांति उर्फ पोदिये गावड़े (ACM, आमदई एरिया कमेटी)
- ₹2 लाख के इनामी नक्सली (7)
- कुमारी मुन्नी कर्मा
- लक्ष्मी अटामी
- कृष्णा पदामी
- मंगड़ी हेमला
- दशरू डोडी
- नंदू मंडावी
- विज्जा मिच्चा
- ₹1 लाख के इनामी नक्सली (13)
- हिड़मे कुहड़ाम
- रोशनी सोड़ी
- राजू लेकाम
- जनकू वेको
- बुधराम माड़वी
- सुखमति ताती
- सुकलू कड़ियाम
- टाकलू कश्यप
- बामन मंडावी
- अर्जुन कुंजाम
- सोमारी परसा
- विजय ओयाम
- फुलमती वेको
- ₹50 हजार का इनामी नक्सली (2)
- नितेष उर्फ बदरू
- सुखराम कुहड़ाम
- इनाम रहित 10 नक्सली
इस सरेंडर में मारा राम लेकाम, हेमला बुगुर, बबलू ओयाम सहित 10 इनाम रहित नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया जो अलग-अलग कमेटियों के साथ मिलकर नक्ससवाद को बढ़ावा दे रहे थे।
इन घटनाओं में थे शामिल
- 2024 : गोबेल-थुलथुली जंगल मुठभेड़।
- 2019 : भैरमगढ़–केशकुतुल के बीच पुलिस पर फायरिंग
- 2020 : मिनपा मुठभेड़ (26 जवान शहीद)
- नक्सली बंद के दौरान तोड़फोड़, रोड काटना, प्रचार गतिविधियां
बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने कहा कि ‘पूना मारगेम बस्तर में शांति और विकास के लिए परिवर्तनकारी पहल बन चुकी है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को ₹50 हजार की तात्कालिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि और अन्य सरकारी सुविधाएं दी जाएंगी।
20 महीनों में 508 नक्सली मुख्यधारा में लौटे
पुनर्वास नीति के तहत 20 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 165 इनामी सहित 508 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं,जबकि ‘लोन वर्राटू’ अभियान से अब तक 333 इनामी सहित 1,160 नक्सली हथियार छोड़ चुके हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सरेंडर
समर्पण कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, DIG (CRPF) राकेश चौधरी, दंतेवाड़ा SP गौरव राय और CRPF की 111वीं, 230वीं एवं 80वीं बटालियन के कमांडेंट उपस्थित रहे।
पुलिस ने फिर की नक्सलियों से अपील
Naxal Surrender : दंतेवाड़ा पुलिस ने एक बार फिर नक्सलियों से हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ने की अपील करते हुए कहा “पूना मारगेम हर किसी को लौटने का अवसर देता है। अपने परिवार और बस्तर के लिए शांति और विकास का मार्ग अपनाएं।”


