टीआरपी। Sahu community : प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्या वाला साहू समाज टूटकर अलग-अलग संगठनों में न बिखर जाए। इसके लिए प्रदेशभर के साहू समाज के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। आगामी 7 जनवरी को राजिम माता जयंती के अवसर पर राजिम में साहू समाज का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिला स्तर, ब्लॉक स्तर के संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा समाज के हजारों लोग सम्मेलन में जुटेंगे। समाज में एकता बनाए रखने और धर्मांतरण पर रोक लगाने, अंतरजातीय विवाह से परहेज करने, सामाजिक युवाओं को आगे बढ़ाने सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि संगम नगरी राजिम धाम की अधिष्ठात्री देवी राजिम भक्तिन माता की जयंती छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष 7 जनवरी को मनाई जाती है। इस वर्ष 2026 में भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के 496 परिक्षेत्र, 196 तहसीलों एवं 33 जिला मुख्यालयों से समाज के लोग पहुंचेंगे।

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छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू ने बताया कि मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष छ.ग. प्रदेश साहू संघ तथा पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू करेंगे। प्रमुख अतिथि केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, नेता प्रतिपक्ष डा.चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, अति विशिष्ट अतिथि मोतीलाल साहू, विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ एवं श्री धनेन्द्र साहू पूर्व मंत्री शामिल होंगे।

कौन है राजिम भक्तिन माता

पुरातन इतिहास को समेटे राजिम नगरी भगवान विष्णु की नगरी है। भगवान राजीव लोचन, राजिम भक्तिन माता द्वारा प्राप्त भगवान विष्णु का श्रीविग्रह है। यह ऐतिहासिक सत्य है कि राजिम का नामकरण साहू समाज की अधिष्ठात्री देवी राजिम माता के नाम पर है। अनन्य भक्ति में लीन राजिम माता ने भगवान राजिम लोचन की प्रतिमा के ही चरणों में पूर्ण समाधि ली थी, तब से आज तक भगवान राजिम लोचन में शुद्ध तेल चुपड़ने की परंपरा है। आज भी लोग भगवान राजिम लोचन के दर्शन के पश्चात परिक्रमा करते हुए राजिम माता के सती-स्तंभ का दर्शन कर उनके अनन्य त्याग के प्रति श्रद्धानवत होते हैं।

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