टीआरपी। मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में रायपुर और बिलासपुर के लिए दो बड़ी बुनियादी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है। इस फैसले के तहत रायपुर के मंडी रोड पर अत्याधुनिक रत्न एवं आभूषण पार्क और बिलासपुर में विशाल सर्व-सुविधायुक्त ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ के व्यापारिक और बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदलने वाला है। रायपुर में जेम्स पार्क बनने से स्थानीय आभूषण कारोबार को वैश्विक पहचान मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा। वहीं, बिलासपुर में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव और ट्रैफिक की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित और जाम-मुक्त सड़कें मिलेंगी।
प्रमुख परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
मंत्रालय में हुई वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की वाणिज्यिक प्रगति को रफ्तार देने वाली तीन बड़ी योजनाओं की रूपरेखा तय की गई। रायपुर के कृषि उपज मंडी परिसर में बनने वाले जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क के अलावा, बिलासपुर में भारी वाहनों के लिए बनने वाले ट्रांसपोर्ट नगर में बड़े गोडाउन, लॉजिस्टिक्स हब, व्यापक पार्किंग स्पेस, वाहन रिपेयरिंग सेंटर और चालकों के लिए रेस्ट एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।
इसके साथ ही, नवा रायपुर में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के लिए एक वर्ल्ड-क्लास कन्वेंशन सेंटर विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। यह अत्याधुनिक बिजनेस हब कॉर्पोरेट इवेंट्स, ग्लोबल बिजनेस मीट और प्रदर्शनियों के लिए उपयुक्त होगा, जिससे छत्तीसगढ़ में बिजनेस टूरिज्म को एक नई दिशा मिलेगी। बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
02 जून 2026 को मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मूल्यांकन समिति की बैठक में यह मंजूरी दी गई।
रायपुर के कृषि उपज मंडी परिसर (मंडी रोड) में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक रत्न एवं आभूषण पार्क विकसित किया जाएगा।
नवा रायपुर में ग्लोबल बिजनेस मीट और कॉर्पोरेट इवेंट्स को आकर्षित करने के लिए वर्ल्ड-क्लास कन्वेंशन सेंटर का निर्माण होगा।
समिति से मंजूरी मिलने के बाद अब इन तीनों बड़ी परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया और पीपीपी मॉडल के तहत निजी निवेशकों के चयन की औपचारिकताएं शुरू की जाएंगी। जल्द ही जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के व्यापारिक इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा उछाल आएगा।


