Surajpur Land Dispute: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को हिंसक हो गया। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव कर दिया। इस घटना में डीएसपी राजेश जोशी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा है। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

क्या है पूरा मामला?
मदननगर-धरमपुर क्षेत्र में एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें नकद मुआवजा स्वीकार नहीं है। उनकी मांग है कि जमीन के बदले जमीन दी जाए। इसी मांग को लेकर वे लगातार विरोध कर रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले प्रशासन की सर्वे टीम गांव पहुंची थी। आरोप है कि उस दौरान ग्रामीणों ने सर्वे दल को बंधक बना लिया था। इसी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा बल के साथ गांव पहुंची थी।
कार्रवाई के दौरान भड़का विवाद
पुलिस टीम के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव में डीएसपी राजेश जोशी सहित 24 से अधिक पुलिसकर्मियों के सिर और शरीर पर चोटें आईं। कई पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद मदननगर-धरमपुर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सूरजपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन ने बताया कि भूमि अधिग्रहण विवाद के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, जिसमें 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।
क्या है विवाद की जड़ ?
यह विवाद केवल भूमि अधिग्रहण का नहीं, बल्कि पुनर्वास की मांग से भी जुड़ा है। ग्रामीण लगातार जमीन के बदले जमीन देने की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तनाव बना हुआ था, जो अब हिंसक झड़प में बदल गया।


