रायपुर। नकटी गांव में 85 घरों को तोड़ने के मामले में सर्व समाज ने देवपुरी स्थित गांधी चौक में मजदूर परिवार को न्याय दिलाने आमसभा और कलेक्टोरेट चौक से राजभवन तक न्याय पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा से पहले सर्व समाज के पदाधिकारियों ने नकटी गांव के बेघरों को न्याय दिलाने अनशन पर बैठी पार्वती साहू को जूस पिलाकर अनशन स्थगित कराया।
पदयात्रा को लालपुर में रोका, प्रतिनिधियों से हुई चर्चा
इसके बाद सभी ग्रामीण लोक भवन के लिए रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने सभी को लालपुर के पास रोक लिया। इनमें से कुछ प्रतिनिधियों को लोकभवन लाकर अधिकारियों से चर्चा कराई गई।
माता कर्मा की आरती से हुई शुरुआत
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत माता कर्मा की आरती के साथ हुई। इसके बाद नकटी गांव के 85 गरीब मजदूर परिवारों के घर तोड़े जाने के मामले में न्याय दिलाने, पीडि़तों के सम्मानजनक पुनर्वास और पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
समाधान न होने पर जताई नाराजगी
आयोजकों ने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की।
23 दिन से अनशन पर थीं पार्वती साहू
इस दौरान बताया गया कि नकटी गांव के पीड़ित परिवारों के समर्थन में पार्वती साहू पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर थीं। बुधवार को पदयात्रा और आमसभा के दौरान उन्हें जूस पिलाकर भूख हड़ताल स्थगित कराई गई।
15 दिन का अल्टीमेटम
पदयात्रा के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 15 दिनों में मांगे पूरी न हुई, तो फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।
FAQ: नकटी न्याय यात्रा मामला
सवाल 1. क्यों हुआ प्रदर्शन ?
नकटी गांव के 85 घर तोड़े जाने के खिलाफ न्याय और पुनर्वास की मांग को लेकर
सवाल 2. कहां से कहां तक पदयात्रा ?
कलेक्टोरेट चौक से राजभवन/लोक भवन तक, जिसे लालपुर में रोका गया
सवाल 3. अनशन पर कौन थीं ?
पार्वती साहू, जो 23 दिन से भूख हड़ताल पर थीं
सवाल 4. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग ?
पुनर्वास, राहत राशि और दोषियों पर कार्रवाई
सवाल 5. आगे क्या ?
15 दिन का अल्टीमेटम, मांगें पूरी न होने पर फिर प्रदर्शन


