Mineral Amendment Act 2026
मिनरल संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज

Mineral Amendment Act 2026 : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने संसद में पारित ‘मिनरल संशोधन अधिनियम 2026’ पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के आर्थिक हितों और संघीय ढांचे पर सीधा हमला करार दिया। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना किसी सार्थक चर्चा के इस विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराया, जिससे अब राज्य सरकारें अपने खनिजों और खनिज-युक्त भूमि पर अतिरिक्त उपकर (Cess) या कर नहीं लगा पाएंगी।

राज्यों के संवैधानिक अधिकारों और राजस्व पर असर

दीपक बैज ने कहा कि संविधान की सातवीं अनुसूची के अनुसार भूमि राज्यों का विषय है। यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के 2024 के उस ऐतिहासिक फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए लाया गया है, जिसमें राज्यों को खनिज अधिकारों पर कर लगाने की अनुमति दी गई थी। इससे छत्तीसगढ़, झारखंड और केरल जैसे खनिज समृद्ध राज्यों के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचेगा और खनन से होने वाली पर्यावरणीय क्षति की भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा।

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बिना चर्चा बिल पास करने पर JPC समीक्षा की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नंदराज पर्वत, हसदेव और बैलाडीला जैसे क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामसभाओं की अनदेखी कर पहले भी कॉरपोरेट मित्रों को फायदा पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार ने इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की मांग को दरकिनार कर दिया। कांग्रेस पार्टी राज्य के वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए इस निर्णय का लगातार विरोध करेगी।

(FAQs)

प्र.1: दीपक बैज ने ‘मिनरल संशोधन अधिनियम 2026’ को लेकर क्या मुख्य आरोप लगाया?

उ.: उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिनियम राज्यों के कर लगाने के संवैधानिक अधिकारों को छीनता है और छत्तीसगढ़ के राजस्व को नुकसान पहुँचाता है।

प्र.2: इस नए कानून से राज्य सरकारों के किन अधिकारों पर रोक लगेगी?

उ.: अब राज्य सरकारें खनिजों और खनिज-युक्त भूमि पर केंद्र की तय सीमा के बिना अतिरिक्त कर, लेवी या उपकर (Cess) नहीं लगा सकेंगी।

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प्र.3: दीपक बैज के अनुसार यह अधिनियम सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले के विपरीत है?

उ.: यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के 2024 के उस फैसले को प्रभावित करता है जिसमें राज्यों को खनिजों पर कर लगाने का अधिकार दिया गया था।

प्र.4: इस विधेयक पर कांग्रेस पार्टी की मुख्य मांग क्या थी?

उ.: कांग्रेस ने मांग की थी कि इस संवेदनशील विधेयक को विस्तृत समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाना चाहिए।

प्र.5: इस अधिनियम का किन-किन राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का दावा किया गया है?

उ.: छत्तीसगढ़, झारखंड और केरल जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्यों पर इसका सबसे अधिक प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव पड़ेगा।