टेक डेस्क। वोटर आईडी से जुड़ी यह बड़ी खबर है। भारत का चुनाव आयोग 25 जनवरी से ई-इपिक यानी कि इलेक्ट्रॉनिक इलेक्टर्स फोटो आईडेंटिटी एप शुरू करने जा रहा है। इसके माध्यम से वोटर आईडी भी डिजिटल प्राप्त किया जा सकेगा।

कुछ जरूरी वेरिफिकेशन के बाद आधार कार्ड की तरह वोटर आईडी कार्ड को डाउनलोड किया जा सकेगा। अभी वोटर आईडी कार्ड की सॉफ्ट कॉपी (डिजिटल रूप) की सुविधा नहीं है। कार्ड खोने पर भी कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि एप के जरिये इसे कम समय में प्राप्त किया जा सकेगा। कार्ड खोने पर 25 रुपये जमा करके डुप्लीकेट कार्ड मिलेगा।

25 जनवरी को एप लॉन्च होने से वोटर्स एक तरह से मोबाइल में भी अपना वोटर आईडी कार्ड लेकर चल सकेंगे। इसके लिए आपको हार्ड कॉपी रखने की जरूरत नहीं है। यह ठीक उसी तरह का होगा जैसे इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास होता है। जिसे हवाई यात्रा करने से पहले डाउनलोड किया जाता है। हम पहचान पत्र अभी हार्ड कॉपी के रूप में रखते हैं और मतदान के वक्त इसे दिखाना जरूरी होता है।

See also  Moto G 5G भारत में 20,999 रुपये में लॉन्च, जानें सारी खासियतें

डिजिटल आईडी के लिए क्या करना होगा

यह कार्ड पाने के लिए आपको चुनाव आयोग को अपना मोबाइल नंबर देना होगा। योग्य वोटर्स ही इसके लिए मान्य होंगे। वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराते वक्त आपको मोबाइल नंबर देना होगा। मतदाता सूची में मोबाइल नंबर और नाम दर्ज होने के बाद एक मैसेज या ई-मेल प्राप्त होगा। इसके बाद ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के जरिये नया वोटर आईडी कार्ड प्राप्त किया जा सकता है। जो लोग पहले से मतदाता के रूप में दर्ज हैं, उन्हें डिजिटल कार्ड के लिए अपनी पूरी डिटेल रीवेरीफाई कराना होगा। यह प्रक्रिया वैसे ही है जैसे बैंक में केवाईसी के लिए कराना होता है।

कैसा होगा डिजिटल कार्ड

डिजिटल कार्ड पीडीएफ फाइल के रूप में मिलेगा। इसे आप अपने फोन या कंप्यूटर पर डाउनलोड कर सकेंगे। इस सॉफ्ट कॉपी का एक क्यूआर कोड भी होगा जिसमें वोटर्स से जुड़ी सारी जानकारी शामिल होगी। नाम, जन्म तिथि और पते की पूरी जानकारी होगी।

See also  Breaking : रायपुर एम्स के कोरोना से ठीक हुए 15 मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण

इस कार्ड की क्यों जरूरत

डिजिटल कार्ड का सबसे बड़ा फायदा अनावश्यक खर्चों की बचत है। हार्ड कॉपी छापने में चुनाव आयोग का बड़े स्तर पर संसाधन और श्रम खर्च होता। फिर इसे वोटर्स तक पहुंचाने की दिक्कत अलग है। किसी वोटर्स को वेरीफाई करने के बाद ही उसे कार्ड दिया जाता है। इन सभी झंझटों से बचने के लिए चुनाव आयोग ने डिजिटल फॉर्मेट में इसे जारी करने का प्लान बनाया है। सॉफ्ट कॉपी की पीडीएफ फाइल को अपने फोन में भी रख सकते हैं, इसलिए चुनाव वाले दिन आपको हार्ड कॉपी या उसका कोई विकल्प दिखाने की जरूरत नहीं होती है।

कब तक आएगा कार्ड

फिलहाल यह चुनाव आयोग का प्रस्ताव है मगर 25 जनवरी मतदान दिवस के दिन डिजिटल वोटर कार्ड योजना लागू हो सकती है। इस साल देश के 5 राज्यों बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव है, इसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि 25 जनवरी से डिजिटल वोटर कार्ड की सुविधा शुरू हो जाएगी।

See also  संसद के मानसून सत्र में 24 विधेयक ला सकती है केंद्र सरकार
Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…