Eye Health Care: आंखों में दर्द, थकान या ड्राइनेस होने पर अक्सर इसका कारण फोन और लैपटॉप की स्क्रीन को माना जाता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है,
लेकिन रोजमर्रा की कुछ दूसरी आदतें भी आंखों की नमी और सेहत को प्रभावित कर सकती हैं।
ऐसे में कम रोशनी में पढ़ने या काम करने से लेकर अधूरी नींद, कम पानी पीने और आंखें रगड़ने तक कई आदतों पर ध्यान देने की जरूरत है। आइए जानते हैं रोज की वे कौन-सी गलतियां हैं, जिन्हें समय रहते सुधारना आंखों की देखभाल के लिए जरूरी है।
कम रोशनी में पढ़ना या काम करना
कम रोशनी में किताब पढ़ना या अंधेरे कमरे में तेज ब्राइटनेस के साथ फोन चलाना आंखों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। तेज कॉन्ट्रास्ट की वजह से आंखों की मांसपेशियों को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे आंखों में स्ट्रेस, असहजता और सिरदर्द हो सकता है। पढ़ाई या काम के दौरान कमरे में पर्याप्त और सही रोशनी रखना जरूरी है।
अधूरी नींद से बढ़ सकती है थकान
देर रात तक जागना, पर्याप्त नींद न लेना या नींद का पैटर्न बिगड़ना भी आंखों को प्रभावित कर सकता है। ऐसी स्थिति में आंखें ड्राई और थकी हुई महसूस हो सकती हैं। सोते समय आंखों को आराम और रिकवरी का मौका मिलता है। नींद पूरी न होने पर यह आराम नहीं मिल पाता।
पानी की कमी भी बन सकती है वजह
कम पानी पीने से आंखों में ड्राइनेस बढ़ सकती है। खासकर लंबे समय तक एसी वाले माहौल में रहने वाले लोगों में यह परेशानी महसूस हो सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने पर ध्यान देना जरूरी है।
बार-बार आंखें मलने की आदत छोड़ें
थकान या खुजली होने पर आंखों को रगड़ना आम बात है। लेकिन ज्यादा या जोर से आंखें मलने से उनकी सतह को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आंखों में बार-बार खुजली होती है, तो इसकी वजह समझना जरूरी है और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना हाथ धोए आंखों को छूना भी सही नहीं है। वहीं, कॉन्टेक्ट लेंस की सफाई का ध्यान न रखने से आंखों में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
खान-पान और धूप से बचाव भी जरूरी
खान-पान में पोषण की कमी का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा बिना यूवी प्रोटेक्शन वाले चश्मे के धूप में ज्यादा समय बिताना लंबे समय के लिए नुकसानदेह हो सकता है। आंखों की देखभाल के लिए धूप से बचाव, पर्याप्त पानी, पौष्टिक खाना और आंखों की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर धुंधला दिखाई दे रहा है, बार-बार सिरदर्द हो रहा है या आंखों में दर्द, रेडनेस और पानी आने की समस्या है, तो इसे नजरअंदाज न करें। अचानक देखने में किसी तरह का बदलाव महसूस होने पर भी डॉक्टर से मिलकर आंखों की जांच करवानी चाहिए। हर आंखों की समस्या के लिए सिर्फ स्क्रीन टाइम को जिम्मेदार मानना सही नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना, रेडनेस, पानी आना या देखने में अचानक बदलाव जैसी समस्या होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें। हर व्यक्ति की आंखों से जुड़ी समस्या का कारण अलग हो सकता है।



