रायपुर : छत्तीसगढ़ में 2023 के चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गयी है। बता दे की कांग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे फुल फॉर्म में है। संचालन समिति की बैठक (steering committee meeting) में महासचिव (General Secretary) और प्रदेश प्रभारियों (State Incharges) को चेतावनी भरे अंदाज में सख्त हिदायत देने के बाद उन्होंने पार्टी को नए तेवर देने शुरू कर दिए हैं। एआईसीसी में पहले बदलाव में उन्होंने पार्टी शासित छत्तीसगढ़ और राजस्थान के पदेश प्रभारियों को बदल दिया। अब छत्तीसगढ़ में प्रदेश अध्यक्ष बदलने पर भी चर्चा शुरू हो गयी है।

प्रदेश अध्यक्ष के भी बदले जाने की चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम (Mohan Markam) को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस पद के लिए आेबीसी नेता के नाम की चर्चा है लेकिन जातिगत समीकरण को देखते हुए यदि मरकाम रिपीट नहीं हुए तो फिर बस्तर के ही एक आदिवासी नेता को पार्टी की कमान दी जा सकती है।

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बता दे की छत्तीसगढ़ में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को नई प्रभारी के रूप में चुना है। शैलजा छत्तीसगढ़ की तीसरी महिला प्रभारी होंगी। इससे पहले प्रभा राव और अंबिका सोनी प्रदेश की प्रभारी रह चुकीं हैं। कुमारी शैलजा को 1990 में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकीं हैं। वह दो बार सिरसा व दो बार अंबाला से सांसद रही हैं। 2014 से वर्ष 2020 तक राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं। लेकिन वह अंबाला से पिछला चुनाव हार गईं थीं। वह यूपीए की दोनों सरकार में मंत्री रह चुकी हैं।

जानकरी के अनुसार पूर्व प्रभारी पीएल पुनिया का कार्यकाल पूरा हो चूका था। यही वजह है कि चुनाव के पहले प्रदेश को नया प्रभारी मिल गया है। प्रभारी के बाद प्रदेश अध्यक्ष के बदलने की चर्चा भी शुरू हो गई है। कई और बदलाव भी हो सकते हैं। शैलजा के सामने छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन के साथ मिलकर 2023 में सत्ता में कांग्रेस की वापसी बड़ी चुनौती होगी।

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