Vip Seats Will Be Burglarized - BJP और CONG.की बड़े नेताओं के क्षेत्र में सेंधमारी शुरू
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विशेष संवादाता, रायपुर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नये वित्तीय वर्ष से बेरोजगारी भत्ता दिये जाने की घोषणा क्या की है, भाजपा और कांग्रेस के बीच सोशल मीडिया पर एक नई जंग छिड़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसको चुनावी घोषणा बताने की कोशिश की तो कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल ने उन्हें पनामा का सांड कह दिया। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल से डॉ. रमन सिंह पर हमला हुआ। लिखा- “पनामा का सांड” प्रदेश का पैसा लूटकर अपने बेटे और दामाद की जेब में डालता रहा।

भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने व्यंग्यात्मक लहज़े में लिखा है, स्पष्ट बताएं कि बेरोजगारी भत्ता-जनघोषणापत्र के हिसाब से 17 दिसम्बर 2018 से मिलेगा या फिर केवल चुनावी वर्ष का मिलेगा। एक और पोस्ट में चंद्राकर ने कहा, चुनावी साल में इस घोषणा का कोई मतलब नहीं है। जब तक बजट विभागों तक पहुंचेगा तब तक चुनाव की आचार संहिता लग चुकी होगी।

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कांग्रेस द्वारा एक पोस्टर पोस्ट किया गया, जिसमें भाजपा पर आरोप लगाया कि 2003, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बेरोजगारी भत्तों का वादा किया था, लेकिन कभी दिया नही। कांग्रेस की सरकार ने कहा नहीं था, फिर भी दिया। विवाद यहां रुका नहीं। जवाब में भाजपा छत्तीसगढ़ के ट्वीटर हैंडल से कांग्रेस के घोषणापत्र का एक हिस्सा पोस्ट किया गया। इसके मुताबिक कांग्रेस ने 2018 के चुनाव में 10 लाख बेरोजगार युवाओं को राजीव मित्र योजना के तहत सामुदायिक विकास और समाजसेवी गतिविधियों से जोड़कर 2500 रुपया महीना देने का वादा किया था।

कांग्रेस ने कहा दिखाएं कहां है घोषणापत्र में भत्ता

अजय चंद्राकर की पोस्ट पर कांग्रेस ने उन्हें सीधी चुनौती दे डाली। लिखा है, सुबह से ही सांस्कृतिक कार्यक्रम में लग गये क्या? आंखे पूरी खुले तो देखकर बताना कि किस पार्टी के घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देना लिखा है। चुनौती है! स्वीकार कर लेना, अभी जवाब न हो तो 8:00 PM के बाद दे देना।

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