MAYAALI

जशपुरनगर। जिले के मयाली क्षेत्र में स्थित एक पत्थर खदान में कराए गए तीव्र विस्फोट से बालिका की मौत की घटना के बाद विशेष ग्राम सभा रखी गई। इस ग्राम सभा में पत्थर खदानों से हो रहे नुकसान से लोगों को बचाने के लिए सर्वसम्मति से सभी पत्थर खदानों को बंद करवाने का फैसला किया गया।

ग्राम मयाली में विशेष रूप से आयोजित इस ग्राम सभा की अध्यक्षता वालटर कुजूर ने की। इस मौके पर इलाके के विधायक यू.डी. मिंज भी उपस्थित थे। वहीं ग्राम सरपंच, सभी वार्डों के पंच, जिला पंचायत सदस्य अनिता सिंह सहित लगभग 600 की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस विशेष ग्राम सभा में सबसे पहले मृतका छात्रा केश्वरी बाई को श्रद्धांजलि दी गई।

ग्रामीणों ने रखी ये मांग

इस मौके पर सर्व सम्मति से ध्वनिमत के साथ मयाली के सभी खदानों को हमेशा के लिए बंद करने पर सहमति बनी, इसके अलावा ग्रामवासियों ने दो और मांग रखी, कि मृतका के परिजनों को आरोपी पक्ष से 50 लाख हर्जाना दिलवाया जाये, वहीं प्रमुख आरोपी खदान संचालक, खदान मैनेजर, खदान ब्लास्टर, बारूद सप्लायर, सहित माइनिंग अधिकारी जशपुर पर केंद्र सरकार के विस्फोटक अधिनियम 1908 की धारा 304 एवं 120 बी के अंतर्गत आगे की कार्रवाई हो। साथ ही विस्फोट की सूचना, पुलिस जवान की तैनाती, प्रभावित स्थल पर लाल झंडा सहित सायरन बजाकर लोगों को सचेत करने में घोर कोताही बरती गयी। इस पर भी केंद्र सरकार के अधिनियम 1 अंतर्गत कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

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ढाई दशक से संचालित है खदान

जशपुर जिले के ग्राम मयाली में वैसे तो कई पत्थर खदान संचालित हैं, मगर जिस खदान में विस्फोट के चलते उड़े पत्थर से चोट लगने पर बालिका की मौत हो गई, उसके मालिक का नाम अभय सोनी है और उसके खदान की लीज 30 साल की है। इस खदान को चलते हुए लगभग 25 वर्ष हो चुके। खदान में तेज विस्फोट के चलते एक बालिका की मौत के बाद इलाके के ग्रामीण काफी गुस्से में हैं। हालांकि इस घटना के बाद CM ने मृतका के परिजनों को 10 लाख रूपये देने की घोषणा की है।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके के पत्थर खदानों से वन और पर्यावरण का भारी नुकसान हो रहा है, जिसके चलते खेती प्रभावित हो रही है, इसलिए खदानों को स्थाई रूप से बंद होना चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि खदान संचालक, मैनेजर, ब्लास्टर, बारूद सप्लायर, माइनिंग अधिकारी जशपुर पर विस्फोटक अधिनियम 1908 के अंतर्गत तहत कड़ी कार्रवाई की जाये। विधायक यू.डी. मिंज ने भी ग्रामीणों की मांगों पर सहमति जताई है।

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