टीआरपी डेस्क। Ganesh Chaturthi 2025 : शास्त्रीय मान्यता है कि प्रथम पूज्य माने जाने वाले भगवान श्रीगणेश का जन्म भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर बुधवार के दिन हुआ था। उस दौरान हस्त और चित्रा नक्षत्र का संयोग था। इस वर्ष 2025 में गणेश पर्व की शुरुआत भी बुधवार से हो रही है। साथ ही वैसा ही संयोग बन रहा है, जैसा गणेश जन्म के समय था, यानी चित्रा और हस्त नक्षत्र भी इसी दिन है। बुधवार का दिन व्यावसायिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन चतुर्थी तिथि पर सुबह के मुहूर्त में घर-घर में गणेश प्रतिमा की स्थापना करना शुभदायी होगा।

शुभ, शुक्ल और सर्वार्थसिद्धि योग में शुभ मुहूर्त
इस वर्ष गणेश पर्व, गणेश चतुर्थी के दिन 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी तिथि तक चलेगा। पहले दिन चतुर्थी तिथि पर शुभ योग, शुक्ल योग, सर्वार्थसिद्धि योग और लक्ष्मीनारायण योग, रवि योग का संयोग भी बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5.57 बजे से 6.04 तक रहेगा। रवि योग सुबह 5.57 बजे से 6.04 बजे तक मान्य होगा। इस दिन शुभ योग सुबह से दोपहर 12.35 बजे तक मान्य होगा। इसके बाद शुक्ल योग बनेगा। हस्त नक्षत्र प्रातःकाल से लेकर सुबह 6.04 बजे तक है। इसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ हो रहा है।

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Ganesh Chaturthi 2025 : दोपहर में स्थापना शुभ
भगवान गणेश का जन्म दोपहर में हुआ था। इसलिए प्रतिमा की स्थपना दोपहर में करना शुभदायी माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार 26 अगस्त को दोपहर 12.40 बजे से गणेश चतुर्थी तिथि प्रारंभ होकर 27 अगस्त की दोपहर 3.44 बजे तक मान्य रहेगी। इसी समय स्थापना करना चाहिए। वैसे बुधवार को दिनभर शुभ मुहूर्त है।

अभिजीत मुहूर्त
27 अगस्त को 11.45 से 12.55 बजे तक अभिजीत मुहूर्त है। इस मुहूर्त में गणेश प्रतिमा की सबसे शुभ समय है। इसके बाद दोपहर 1.39 से शाम 6.05 बजे तक का मुहूर्त भी शुभ है। शुभ योग में गणेशजी की पूजा अर्चना करने से दुख व कष्टों से मुक्ति मिलती है और सफलता के द्वार खुलते हैं। जीवन में प्रगति होती है।

Ganesh Chaturthi 2025 : खरीदारी करना शुभ
चतुर्थी तिथि पर शुभ मुहूर्त में भूमि-भवन-वाहन, सोने-चांदी व आभूषण की खरीदारी करने से परिवार में सुख, समृद्धि का वास होगा।

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चंद्रमा को देखना अशुभ, तुलसी पत्र न चढ़ाएं
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रदर्शन नहीं करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि चंद्र का दर्शन करने से मिथ्यादोष लगता है। इस दिन चंद्रोदय सुबह 9.28 बजे होगा। चंद्रमा के अस्त होने का समय रात्रि 8.57 बजे है। गणेश पूजन में तुलसी पत्र भी नहीं चढ़ाना चाहिए। नीले और काले वस्त्र भी नहीं पहनना चाहिए।