रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ विभिन्न विवादित बयानों और सोशल मीडिया पर दिए गए वक्तव्यों के चलते पाँच राज्यों में 12 एफआईआर दर्ज हैं।

अमित बघेल 5 दिसंबर को देवेंद्रनगर थाने में आत्मसमर्पण करने पहुँचे थे, लेकिन थाने से कुछ दूरी पर ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनकी रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

क्या है विवाद?
अक्टूबर माह में रायपुर के वीआईपी चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की घटना के बाद बघेल मौके पर पहुँचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के आराध्य झूलेलाल को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। इन बयानों के बाद सिंधी और अग्रवाल समाज के लोगों ने रायपुर सहित कई जिलों और राज्यों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

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