टीआरपी डेस्क। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर जारी विवाद के बीच शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली स्थित कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने सांसदों को वहां से हटाया और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा तथा डेरेक ओ’ब्रायन को हिरासत में ले लिया।

इस विरोध प्रदर्शन में डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद सहित कई प्रमुख टीएमसी सांसद शामिल रहे। सांसदों ने कोलकाता में आई-पैक कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने आरोप लगाया कि ईडी ने गलत तरीके से छापेमारी की है और यह कार्रवाई अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों का सहारा ले रही है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी।

See also  राज्यसभा सांसद संजय सिंह की आदित्यनाथ से अपील : मेरे खिलाफ फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाये अवमानना का मामला

वहीं टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि चुनाव के समय ही ईडी और सीबीआई की याद आती है। उनका आरोप है कि केवल चुनावी लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इससे चुनावी नतीजों पर असर नहीं पड़ेगा।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल और दिल्ली के 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी का आरोप है कि इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर छापे के समय एक लैपटॉप, मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज अपने साथ ले लिए।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय ने इन आरोपों से इनकार किया है। ईडी का कहना है कि जांच किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है। एजेंसी ने मुख्यमंत्री पर जांच में बाधा डालने और महत्वपूर्ण सबूत जबरन ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी के विरोध में शुक्रवार को टीएमसी सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

See also  दिल्ली में तीनों MCD के एकीकरण का रास्ता साफ, कानून पर लगी राष्ट्रपति की मुहर