A symbolic view of gold jewelry and gleaming coins.
New prices for gold and silver are determined amidst the daily fluctuations in the bullion market.

टीआरपी डेस्क। भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कुछ दिनों से कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उठापटक देखने को मिल रही है। हालांकि बीते शुक्रवार को कीमतों में मामूली सुधार जरूर आया, लेकिन लंबी अवधि के परिप्रेक्ष्य में देखें तो सोना और चांदी दोनों ही अपने ‘लाइफटाइम हाई’ से काफी नीचे (Crash) चल रहे हैं। खासकर चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों को हैरान कर दिया है।

29 जनवरी 2026 को सोना और चांदी ने इतिहास का सबसे उच्चतम स्तर छुआ था। महज 16 दिनों के भीतर कीमतों में आया यह ‘क्रैश’ उन लोगों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका हो सकता है जो ऊंचे भाव के कारण निवेश से बच रहे थे।

चांदी की कीमतों में पिछले दो हफ्तों में जो गिरावट आई है, वह ऐतिहासिक है। 29 जनवरी को चांदी 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।बीते शुक्रवार को MCX पर चांदी ₹2,44,360 प्रति किलो पर बंद हुई। तेजी के बावजूद चांदी अभी भी अपने उच्चतम स्तर से ₹1,75,688 प्रति किलो सस्ती मिल रही है।

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सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट


सोना भी चांदी की तरह ही अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपए प्रति 10 ग्राम के शिखर पर था। शुक्रवार को गोल्ड का वायदा भाव ₹1,55,895 प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ। सोना अपने ऑल-टाइम हाई से करीब ₹37,201 प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है।

महज 16 दिन में बदला बाजार का रुख

29 जनवरी से 13 फरवरी के बीच महज 16 कारोबारी दिनों में बाजार का रुख पूरी तरह पलट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में डॉलर की मजबूती और प्रॉफिट बुकिंग के कारण कीमतों में यह बड़ा करेक्शन देखने को मिला है।