आम आदमी पार्टी ने जनगणना के 33 बिंदुओं में OBC कॉलम न होने पर केंद्र सरकार को घेरा

टीआरपी। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आगामी डिजिटल जनगणना के प्रारूप में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने इसे देश की आधी आबादी की अनदेखी और सरकार का तानाशाही रवैया करार देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ में OBC वर्ग की आबादी एक बड़ा वोट बैंक है। जनगणना में इस वर्ग की सटीक गणना न होने से भविष्य में मिलने वाले आरक्षण और सरकारी योजनाओं के लाभ पर सीधा असर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी द्वारा इस मुद्दे को उठाने से प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जातिगत जनगणना की बहस तेज हो गई है।

“पिछड़ों को सिर्फ वोट बैंक समझती है सरकार”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तम जायसवाल ने कहा कि देश की लगभग 44%-48% आबादी ओबीसी समूह से आती है, लेकिन डिजिटल जनगणना (16 से 30 अप्रैल) और भौतिक सत्यापन के 33 बिंदुओं में उनके लिए कोई कॉलम नहीं रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एससी (SC) और एसटी (ST) के लिए स्पष्ट कॉलम है, तो ओबीसी के साथ यह भेदभाव क्यों?

See also  LOC के माछिल सेक्टर में गोलाबारी कैप्टन समेत 4 जवान शहीद,घुसपैठ की कोशिश में 3 आतंकवादी ढेर

प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र चंद्राकर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक तरफ जातिगत जनगणना की बात करती है और दूसरी तरफ राजपत्र से ओबीसी का कॉलम हटाकर पिछड़ों को उनके अधिकारों से वंचित रखने की साजिश रच रही है।

13 अप्रैल को जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन


इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के ओबीसी समाज और सर्व छत्तीसगढ़िया समाज एससी-एसटी-ओबीसी महासंघ में भी भारी रोष देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि:

कार्यक्रम: प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

चेतावनी: यदि सरकार ने जनगणना प्रपत्र में सुधार नहीं किया, तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

आबादी का अनुमान: मंडल आयोग (1980) के अनुसार 52% और 2021 के सर्वे के अनुसार करीब 62-68 करोड़ ओबीसी आबादी।
जनगणना की तारीख: डिजिटल जनगणना 16 से 30 अप्रैल और भौतिक सत्यापन 1 मई से 30 मई तक।
राजपत्र विवाद: राजपत्र के बिंदु क्रमांक 12 में ओबीसी का उल्लेख नहीं होने पर आपत्ति।

See also  छत्तीसगढ़ देश का सबसे भरोसेमंद और तेज़ी से उभरता औद्योगिक गंतव्य- CM

आम आदमी पार्टी के इस रुख के बाद अब सबकी नजरें 13 अप्रैल को होने वाले प्रदेशव्यापी प्रदर्शन पर टिकी हैं। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की साय सरकार के ‘दोहरे मापदंड’ को उजागर करेगी।