Peaceful political protest demonstration in India regarding education sector demands.
Cockroach Janta Party chief Abhijit Dipke requested Sonam Wangchuk to end his 25-day hunger strike, assuring that the peaceful protest will continue.

Sonam Wangchuk’s hunger strike : बिगड़ती सेहत पर चिंता, अभिजीत दिपके बोले- अनशन तोड़ें, आंदोलन जारी रहेगा सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 25वें दिन बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने एक बड़ा बयान जारी किया है। लगातार 25 दिनों से बिना कुछ खाए-पिए अनशन पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए दिपके ने उनसे अपना अनशन खत्म करने का अनुरोध किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वांगचुक के अनशन वापस लेने के बाद भी यह विरोध प्रदर्शन तब तक नहीं रुकेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं दे देते।

अभिजीत दिपके ने कहा कि 25 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि वांगचुक देश की धरोहर हैं और उनकी सेहत व सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। दिपके ने स्पष्ट किया कि अनशन खत्म करने की सलाह सिर्फ उनकी जान बचाने के लिए दी जा रही है, न कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए। उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निर्देश दिया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर डटे रहें और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहें।

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अनशन समाप्ति की अपील और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

यह पूरा मामला शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और नीतियों को लेकर चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा हुआ है। बीते कई हफ्तों से दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोनम वांगचुक ने मांगों को मनवाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, आंदोलन को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने लगा, जिसके बाद अब मामला काफी गर्मा गया है।

अपने आधिकारिक बयान में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने कहा, “सोनम जी की जान हमारे लिए बहुत कीमती है, इसलिए हम उनसे अनशन समाप्त करने की प्रार्थना कर रहे हैं। लेकिन हमारा प्रदर्शन पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। यह आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. बाबा साहब आंबेडकर के दिखाए गए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलेगा। कुछ असामाजिक तत्व इस आंदोलन में गलत नारेबाजी करके माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों से हमारे आंदोलन का कोई लेना-देना नहीं है।”

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आंदोलन का असर और भविष्य की संभावना

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सोनम वांगचुक के अनशन और अभिजीत दिपके के इस ताजा बयान के बाद सरकार और प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया है। 25 दिनों से जारी इस गतिरोध का असर छात्रों, युवाओं और आम जनता के बीच साफ दिखाई दे रहा है। अगर वांगचुक अनशन तोड़ते भी हैं, तो भी समर्थकों का सड़क पर डटे रहना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा। आने वाले दिनों में यदि शिक्षा मंत्रालय की तरफ से कोई सकारात्मक बातचीत नहीं होती है, तो यह आंदोलन देश के अन्य राज्यों में भी और तेजी से फैल सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को कितने दिन हो चुके हैं?

बुधवार को सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 25वां दिन पूरा हो गया है।

  1. अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक से क्या अपील की है?

अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और जान के खतरे को देखते हुए उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है।

  1. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।

  1. क्या सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने से प्रदर्शन रुक जाएगा?

नहीं, अभिजीत दिपके ने साफ किया है कि अनशन समाप्त होने के बाद भी विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

  1. यह आंदोलन किस रास्ते पर चलाने की बात कही गई है?

यह आंदोलन महात्मा गांधी और डॉ. बाबा साहब आंबेडकर के दिखाए अहिंसक और शांतिपूर्ण रास्ते पर चलाने का फैसला लिया गया है।